हरिद्वार में हरि दर्शन, छह दिन में साढ़े आठ सौ का तर्पण

राजस्थान से हरिद्वार के लिए लगातार चल रही मोक्ष कलश स्पेशल बस यात्रा, छह दिनों में 822 लोगों ने लिया लाभ, हरिद्वार ले गए परिजनों की अस्थियां

By: Jitesh kumar Rawal

Published: 04 Jun 2020, 06:36 PM IST

जीतेश रावल
नागौर. लॉक डाउन के दौरान अपने परिजनों का तर्पण करने से वंचित रहे लोगों के लिए रोडवेज ने खास इंतजाम किए हैं। हरिद्वार में हरि दर्शन के साथ ही तर्पण का लाभ मिल रहा है। जी हां, रोडवेज ने राजस्थान से हरिद्वार के लिए विशेष बसें संचालित हैं, जो निशुल्क सेवाएं दे रही हैं। इस योजना में पिछले छह दिनों में ही सोलह सौ लोग लाभ ले चुके हैं। साथ ही साढ़े आठ सौ लोगों की अस्थियों का विसर्जन किया जा चुका है। प्रदेश के विभिन्न शहरों से संचालित हो रही इन बसों का पंजीयन चौबीसों घंटे संचालित हो रहा है। रोडवेज अधिकारी बताते हैं कि गत पांच दिनों में प्रदेश के विभिन्न शहरों से हरिद्वार के लिए चलाई स्पेशल बसों से 1602 यात्रियों ने यात्रा की। वे अपने साथ 822 मोक्ष कलश ले गए, जिनका तर्पण किया गया।

प्रदेश के कई जिलों से निकली बसें
मोक्ष कलश स्पेशल बसें प्रदेश के अलग-अलग शहरों से हरिद्वार के लिए संचालित की जा रही है। गत 25 मई से शनिवार रात तक उदयपुर, बीकानेर, अजमेर, अलवर, गंगानगर, सीकर, हनुमानगढ़, टोंक, चूरू, करौली, झुंझुनूं, भरतपुर, बूंदी, जोधपुर, बारां, दौसा, नागौर व जयपुर से हरिद्वार के लिए निकली। इनमें 822 मोक्ष कलश के साथ 1602 यात्रियों को हरिद्वार ले जाया गया।

दो दिन में ही रवाना हुए 587 यात्री
हरिद्वार के लिए रविवार को नागौर से दो बसें रवाना की गई। इनमें 62 लोगों ने यात्रा की। वहीं जयपुर से 127, जोधपुर से 33, सवाई माधोपुर से 31, हनुमानगढ़ से 64 सहित कुल 317 यात्री तथा कुल 163 मोक्ष कलश हरिद्वार ले जाए गए। उधर, शनिवार को दौसा से 30, अजमेर से 90, बारां से 30, बीकानेर से 90 व अलवर से 30 कुल 270 यात्री एवं 135 अस्थि कलश हरिद्वार ले जाए गए।

इस तरह जा सकते हैं हरिद्वार
मोक्ष कलश स्पेशल बस सेवा का संचालन पिछले पांच दिनों से किया जा रहा है। इससे एक दिन पहले ही पंजीयन खोला गया था, जो चौबीसों घंटे सुचारू है। इसमें मोबाइल नम्बर के जरिए पंजीयन करना होता है। निगम की वेबसाइट पर मोक्ष कलश स्पेशल पंजीयन लिंक पर क्लिक कर आवेदन करना होगा। इसमें एक या अधिकतम दो यात्री ही यात्रा कर सकते हैं। निर्धारित यात्री भार मिलते ही सम्बंधित को यात्रा तिथि व समय की सूचना भेजी जाती है। इसके बाद बस हरिद्वार के लिए रवाना हो जाती है। मांगे जाने पर परिजन का मृत्यु प्रमाण पत्र दिखाने का प्रावधान है। बस में अधिकतम तीस यात्री भेजे जाते हैं और उसी बस में वापसी करनी होती है। (आंकड़ा 25 से 31 मई तक, स्रोत : रोडवेज)

संचालित है स्पेशल बस सेवा...
लॉक डाउन के कारण बहुत से लोग अपने परिजनों की अस्थियों का विसर्जन नहीं कर पाए। रोडवेज ने ऐसे लोगों के लिए मोक्ष कलश स्पेशल निशुल्क बसें चलाई है। इन बसों का संचालन विभिन्न जिलों से किया जा रहा है।
- नवीन जैन, रोडवेज अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जयपुर

Jitesh kumar Rawal
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