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दहेज प्रताड़ना व आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में पति को 8 साल की सजा

नागौर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 का निर्णय, 60 हजार का जुर्माना
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नागौर. नागौर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-2 इसरार खोखर ने शुक्रवार को करीब सात साल पुराने दहेज प्रताडऩा व विवाहिता को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के मामले में आरोपी पति को 8 साल के कठोर कारावास व 60 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
न्यायालय के अपर लोक अभियोजक घनश्याम मेहरड़ा ने बताया कि सुरपालिया थाना क्षेत्र के गुगरियाली निवासी मुकेश पुत्र नरसीदास साद को दहेज प्रताडऩा के मामले में 3 साल का कठोर कारावास व 10 हजार रुपए जुर्माना एवं आत्महत्या के लिए दुष्पे्ररित करने के मामले में दोषसिद्ध मानते हुए न्यायालय ने 8 साल के कठोर कारावास व 50 हजार रुपए के अर्थदण्ड की सजा दी है।

ये था प्रकरण
ऐवाद निवासी परिवादी राजेन्द्र कुमार पुत्र आदुराम साद ने सुरपालिया थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि एक मई 2005 को उसकी बहन दुर्गा की शादी मुकेश पुत्र नरसीदास साद के साथ की थी। शादी के बाद ही मुकेश व उसके माता-पिता दहेज कम लाने की बात को लेकर दुर्गा को तंग व परेशान करने लग गए। बाद में 10 अगस्त 2013 को दुर्गा के पति मुकेश व ससुराल वालों ने दुर्गा को हौद में गिराकर मार दिया। रिपोर्ट मिलने पर सुरपालिया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। बाद अनुसंधान आरोपी के विरूद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए शुक्रवार को सजा सुनाई।