कोविड-19 महामारी के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम व उपचार के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू

निजी कोविड डेडिकेटेड अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों का जेएलएन स्थित वॉर रूम द्वारा लिया जाएगा फीडबैक
- सीएचसी व पीएचसी में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होगी मेडिसिन किट

By: shyam choudhary

Published: 16 May 2021, 08:55 AM IST

नागौर. कोविड-19 महामारी से निपटने की दिशा में नागौर जिला प्रशासन तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा अग्रिम रूप से आवश्यक तैयारियां प्रारंभ की गई हैं। महामारी के बढ़ते संक्रमण से रोगियों के उपचार के लिए राजकीय अस्पतालों में इस दृष्टि से आवश्यक तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने शनिवार को जेएलएन अस्पताल के वॉर रूम में चिकित्सा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों व चिकित्साधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में महिला एवं शिशु स्वास्थ्य व कोविड संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ऑक्सीजन व बेड के विस्तार सहित अस्पतालों में बिजली, पानी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर समीक्षा की गई।

अग्रिम रूप से सुनिश्चित हो शिशु कोविड वार्ड की व्यवस्थाएं - कलक्टर
शिशु और बच्चों में कोरोना संक्रमण फैलने की संभावना को देखते हुए कलक्टर डॉ. सोनी ने चिकित्सा अधिकारियों को जिले में व्यापक तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में सभी राजकीय अस्पतालों में इसके लिए आधारभूत संरचना, चिकित्सकीय उपकरण, आवश्यक संसाधन की व्यवस्था पर पूर्व तैयारी किया जाना आवश्यक है। जिला अस्पताल नागौर में मदर चाइल्ड हेल्थ विंग पृथक से कार्यरत है, जिसमें बाल रोग विशेषज्ञ की सेवाएं भी उपलब्ध है। इस विंग में महिलाओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य सेवाओं, संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग, चिकित्सकीय उपकरणों सहित आधारभूत संरचना को और अधिक मजबूत करने के लिए विंग प्रभारी डॉ. आर. के. सुथार को सहयोग एवं समन्वय करने के लिए जिला स्तर पर 2 सदस्य समिति का गठन किया गया है। इस समिति में रीको के क्षेत्रीय महाप्रबंधक विपोन मेहता को अध्यक्ष तथा सहकारी समितियां नागौर के उप रजिस्ट्रार जयपाल गोदारा को सदस्य बनाया गया है।

संसाधन और सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश
कलक्टर ने आदेश जारी कर कहा कि जिले में संचालित राजकीय उप जिला अस्पताल डीडवाना, लाडनूं व कुचामन में महिला एवं शिशु रोग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में महिलाओं व शिशुओं के लिए पृथक से वार्ड की व्यवस्था उपलब्ध है। जिन्हें और अधिक संसाधनयुक्त किए जाने के निर्देश दिए हैं, ताकि इन वार्डों में कोरोना पीडि़त महिलाओं व शिशुओं को चिकित्सा के लिए वेंटिलेटर व ऑक्सीजनयुक्त बेड की भी पर्याप्त सुविधा उपलब्ध हो सके। जिला कलक्टर ने शुक्रवार को आदेश जारी कर जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित जेएसवाई वार्डों को महिलाओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य एवं कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम व उपचार की दृष्टि से और अधिक सुविधायुक्त किए जाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित प्रभारियों को इस संबंध में उपलब्ध संसाधन एवं आवश्यक संसाधनों का आकलन करके पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिससे राजकीय अस्पतालों में मौजूदा सुविधा एवं संसाधनों का विस्तार किया जा सके, ताकि बच्चों एवं शिशुओं में कोविड-19 संक्रमण फैलने की स्थिति में संक्रमण की रोकथाम एवं उपचार की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही की जा सके।

जेएलएन अस्पताल के पीएमओ डॉ. शंकरलाल ने बताया कि जिलेभर में संचालित कोविड डेडिकेटेड निजी अस्पतालों में भर्ती कोरोना मरीजों का जेएलएन स्थित वॉर रूम द्वारा फीडबैक लेने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके तहत अब कोरोना मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपचाराधीन सात कोविड संक्रमित मरीजों से वीडियो कॉल के माध्यम से बात की गई। संबंधित केंद्रों के प्रभारी चिकित्सकों के माध्यम से इन मरीजों की जांच व उपचार से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन भी किया गया।

shyam choudhary Reporting
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