scriptThe color of the camels that came with the cows of Nagauri breed changed in Ramdev Cattle Fair | VIDEO...रामदेव पशु मेला में नागौरी नस्ल के गोवंशों के साथ आए ऊंटों से बदला रंग | Patrika News

VIDEO...रामदेव पशु मेला में नागौरी नस्ल के गोवंशों के साथ आए ऊंटों से बदला रंग

locationनागौरPublished: Feb 12, 2024 10:11:44 pm

Submitted by:

Sharad Shukla

पशु मेला में अब तक कुल 3072 पशु पहुंचे, सर्वाधिक संख्या गोवंशों की रही, दूसरे नंबर पर ऊंटों की रही आवक

Nagaur news
The color of the camels that came with the cows of Nagauri breed changed in Ramdev Cattle Fair

-सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आज से होगी शुरुआत, परिवहन विभाग व अंबुजा सीमेंट की ओर से सडक़ सुरक्षा पर होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम
नागौर. राज्य स्तरीय रामदेव पशु मेले में शामिल होने के लिए सोमवार को राज्य के विभिन्न जिलों से 900 से ज्यादा पशु पहुंचे। मेला मैदान में पहुंचने पशुओं में अब तक गोवंशों की संख्या सर्वाधिक है। पशु मेला शुरू होने के तीसरे दिन भी भी नागौरी बैल की आवक ज्यदा रही। मेले में 50 हजार से लेकर तीन लाख तक के बैलों की जोड़ी आई है। पशु मेला में चमकदार सींग के साथ सजे-धजे नागौरी बैलों की जोडिय़ां पशुपालकों व व्यापारियों को आकर्षित कर रही हैं। इनकी खरीद-फरोख्त के लिए महाराष्ट्र के औरंगाबाद, पंजाब एवं उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर से व्यापारी मेले में आने लगे हैं। भड़ाना गांव से आए दशरथ ने बताया कि नागौरी बैल भार वाहन क्षमता में बेहतर होने के साथ ही दौड़ में भी इनका प्रदर्शन काफी शानदार रहता है। उसके बैलों की उम्र महज तीन साल है। वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. मूलाराम जांगू ने बताया कि मेले में अब तक 3072 पशु पहुंच चुके हैं। इनमें गोवंश-1652, भैंसवंश-32, ऊंट-1310, अश्व वंश-78 शामिल हैं।
पशुओं से भरा नजर आया पशु मेला मैदान
रामदेव पशु मेला मैदान का पूरा परिसर सोमवार को पशुओं से भरा नजर आया। मेला मैदान में जोधपुर रोड के रास्ते मैदान का ज्यादातर हिस्सा ऊंटों से भरा रहा। इससे थोड़ा आगे चलने पर गोवंशों से मैदान का लगभग पचास प्रतिशत हिस्सा भरा रहा। पशुओं की आवक देर शाम तक बनी रही। मैला मैदान में आ रहे पशुओं के खुरों की धमक से उड़ती धूल के गुबार में मेला परिसर का दृष्य बदला सा रहा।
तीन वर्ष से कम उम्र के बैलों पर से रेाक हटाए सरकार
मेला मैदान में पशुपालकों में ठाकरराम, जगदीश से बातचीत हुई तो वह खासे निराश नजर आए। इनका कहना था कि राज्य सरकार को तीन वर्ष से कम उम्र के बैलों को दूसरे प्रदेशों में ले जाने पर लगी रोक को हटाना चाहिए। इस रोक की वजह से पशु पालकों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ठाकराम ने कहा कि वह पिछले कई सालों से लगातार मेला आ रहे हैं। इसके पहले इनके पिता आते थे। अब वह खुद नागौरी नस्ल के गोवंशों को लेकर आते हैं। पहले मेला काफी भरा रहता था। लोगों को मेला में चलने तक के लिए संघर्ष करना पड़ता था। अब ऐसी स्थिति नहीं रही है। मेला में पहुंचे नागौर डेयरी दुग्ध संघ के अध्यक्ष जीवणराम ने कहा कि वह तो मेला में पशु पालकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानने के लिए आए थे। ज्यादातर पशु पालकों से हुई बातचीत के बाद यही सामने आया कि राज्य सरकार की ओर से तीन वर्ष से कम उम्र के बैलों के दूसरे राज्यों पर लगाई गई रोक के कारण अब नागौरी नस्ल के गोवंशों के अस्तित्व का खतरा उत्पन्न हो गया है। रोक तो लगा दी गई, लेकिन इसके व्यवहारिक पहलुओं की ओर ध्यान नहीं दिया गया। अब इसका दुष्परिणाम प्रदेश के पशु पालकों को भुगतना पड़ रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आज से होगी शुरुआत
रामदेव पशु मेला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मंगलवार से शुरुआत हो जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में पहला कार्यक्रम जिला परिवहन एवं अंबुजा सीमेंट के संयुक्त तत्वावधान में सडक़ सुरक्षा जागरुकता संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें पशुपालकों व आमजन को संगीत, नृत्य, नाटक के माध्यम से सडक़ सुरक्षा नियमों तथा सडक़ पर चलते समय रखी जाने वाली सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाएगा। इसके साथ ही दोनों के ही संयुक्त तत्वावधान में स्टॉल भी शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से लोगों को सडक़ सुरक्षा के प्रावधानों व सामान्य सावधानियों के बारे में जागरुक करने का काम किया जाएगा।
नागौर. रामदेव पशु मेला में आए ऊंट

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