दो दिन बाद अपहर्ताओं से छुड़ाया युवक, दो गिरफ्तार

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By: Sandeep Pandey

Published: 14 Nov 2018, 08:32 PM IST

मौलासर. मौलासर पुलिस ने 48 घंटे में अपहर्ताओं के चंगुल से युवक मुक्त कराते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अपहरण की वजह आपसी लेन-देन बताई जा रही है। मुख्य अपहर्ता सहित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अपह्रत युवक आसुराम उर्फ आसु पुत्र नुन्दाराम आरोपियों के साथ डोडा-पोस्त की तस्करी करता था। लेनदेन के चलते आरोपियों ने युवक का अपहरण किया था। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी कई अपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। वहीं वारदात की घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने युवक की रेकी भी की थी। वारदात में तीन से चार लोग और भी शामिल हैं, फिलहाल पुलिस को वारदात में शामिल अन्य आरोपितों व वारदात में काम ली गई बोलेरो गाड़ी की तलाश है। वहीं पकड़े गए दोनों अपहर्ताओं को शाम को डीडवाना न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया गया है।

जानकारी के अनुसार आकोदा का आसुराम उर्फ आसु आरोपी मध्यप्रदेश के नीमच निवासी मामराज धाकड़ व लाभचन्द धाकड़ पुत्र मांगीलाल के साथ करीब एक-डेढ़ साल पहले डोडा-पोस्त की तस्करी का काम करता था। गत 11 नवम्बर की शाम आसूराम अपने साथी हरदीन को जाखड़ों का बास छोडऩे के लिए बाइक से आया था। उसे छोडक़र वह वापस गांव जा रहा था। इसी दौरान अपहर्ताओं ने एक बोलेरो गाड़ी उनकी बाइक के आड़े लगा दी थी और उसे अगवा कर ले गए।
डेढ़ लाख के लिए अपहरण

एक-डेढ़ साल पहले साथ में डोडा-पोस्त की तस्करी का काम करते थे। इस दौरान इनके बीच पैसों का लेनदेन चलता रहता था। बाद में आसु ने आरोपियों का साथ छोड़ दिया और धंधे में बाकी निकल रहे रुपए भी आरोपियों को नहीं चुकाए।

मोबाइल लोकेशन से पकड़े अपहर्ता
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश आर्य ने बताया कि आरोपियों ने आसु का अपहरण करने के बाद किशनगढ़ में गाड़ी बदल ली थी। आरोपी एक अन्य गाड़ी से युवक को मध्यप्रदेश की ओर ले गए तथा बोलेरो को उनके अन्य साथी लेकर फरार हो गए थे। वारदात के बाद आरोपी आपस में और अपह्रत युवक के परिजन से सिम बदल-बदल कर बात कर रहे थे तथा युवक के परिजन को अलग-अलग जगह आकर मिलने को कह रहे थे। इस दौरान पुलिस की साइबर सेल की एक्सपर्ट टीम आरोपियों की मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर आरोपितों के नजदीक पहुंच गई।

फिर आए गिरफ्त में

पुलिस टीम और अपहर्ताओं के बीच करीब बीस घंटे तक आपस में लुका छिपी का खेल चलता रहा। बाद में पुलिस ने बेगू थाने की पुलिस के सहयोग से एक मंदिर की धर्मशाला में आरोपियों को पकडऩे की योजना बनाई। इसके बाद आरोपियों की पहचान की गई। इस दौरान पुलिस को आरोपी लाभचन्द के जोगणीया माता मंदिर में आने की सूचना मिली। पुलिस ने शक के आधार पर आरोपी के हुलिए की तलाश शुरू की तो आरोपी को भनक लग गई और वह एक ऊंची चट्टान पर चढक़र फरार हो गया। आरोपी के पीछे मौलासर पुलिस की टीम और बेगू थाने की पुलिस ने जंगल को चारों-तरफ से घेर लिया और करीब एक घंटे की सघन तलाशी के बाद एक पेड़ के पास आरोपी रेंगता हुआ नजर आया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी मामराज को उसके गांव सिन्डोली से हिरासत में लिया गया।

ये थे टीम में शामिल

अपहरण के बाद जिला पुलिस अधीक्षक हरेन्द्र महावर के मार्गदर्शन में डीडवाना अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतेश आर्य के नेतृत्व में थानाधिकारी मौलासर राजेन्द्रङ्क्षसह, हेड कांस्टेबल पर्वतसिंह, गजेन्द्रङ्क्षसह, कांस्टेबल सुरेन्द्रङ्क्षसह व कमलेश की एक विशेष टीम का गठन किया गया था। वहीं बेगू थाने के सीआई विरेन्द्रङ्क्षसह, सिन्डोली थानाधिकारी व थाने की विशेष टीम के सदस्यों ने यह कामयाबी हासिल की।

इनका कहना है

अपहर्ता और युवक के बीच पैसों के लेनदेन का मामला होना सामने आया है। इसी के चलते आरोपियों ने युवक का अपहरण किया था। वारदात में अभी तीन-चार लोग और शामिल हैं, उनकी तलाश जारी है।

राजेन्द्र थानाधिकारी, मौलासर

Sandeep Pandey Desk
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