अभियोजन उप-संचालक गोविंद शाह के अनुसार, विशेष न्यायाधीश आरती ए शुक्ला ने विशेष लोक अभियोजक के तर्क से आरोपी रामाधार निवासी उदयपुरा रायसेन को सजा सुनाई। अभियोक्त्री जो कि नाबालिग होकर अनुसूचित जनजाति की है, उसके साथ दुष्कर्म करना साबित हुआ। इसपर कोर्ट ने बाबा को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ 2 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। शासन की ओर से प्रकरण में गोविंद शाह, उप-संचालक(अभियोजन) के मार्गदर्शन में पैरवी विशेष लोक अभियोजक/जिला अभियोजन अधिकारी आरके खांडेगर ने की थी।