मासूम से दुष्कर्म के आरोपी वृद्ध को आजीवन कारावास, छेडछाड़ में एक साल की सजा

छह साल की मासूम बालिका से दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने ६५ वर्षीय वृद्ध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

By: ajay khare

Published: 24 Jul 2018, 05:41 PM IST

मासूम से दुष्कर्म के आरोपी वृद्ध को आजीवन कारावास, छेडछाड़ में एक साल की सजा

नरसिंंहपुर। छह साल की मासूम बालिका से दुष्कर्म के आरोप में कोर्ट ने ६५ वर्षीय वृद्ध को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एडीपीओ और मीडिया प्रभारी राकेश रोशन ने बताया है कि आरोपी कीरत एक छोटी बालिका और उसके भाई को रूई की बत्ती बनवाने के बहाने अपने घर लेकर गया। बालिका के मना करने पर भी वह हाथ पकडक़र उसे जबरदस्ती घर के बाड़े में बनी हुई गाय की सार में ले गया जहां उसके छोटे भाई को बाहर खड़ा कर दिया और दरवाजा बंद कर मासूम से दुष्कृत्य किया। जिसके बाद बच्ची भाग कर रोते हुए बाहर निकली और अपने माता-पिता एवं दादा को घटना की जानकारी दी। बालिका के पिता ने ठेमी थाना में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई। विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश किरण सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध ठहराया। प्रकरण शासन की जघन्य एवं सनसनीखेज श्रेणी में चिन्हित था। प्रकरण में पैरवी अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी प्रदीप कुमार भटेले ने की।
एक अन्य प्रकरण में न्यायिक मजिस्टे्रट रुचि गोलस ने महिला से छेडख़ानी के आरोपी सुरेन्द्र को एक वर्ष के कारावास से दण्डित किया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी सुरेंद्र महिला को दो साल से परेशान कर रहा था। खेत जाते समय उसका पीछा करता था उसे देखकर सीटी बजाता था गंदी नीयत से पैसा दिखाता था और रास्ता रोक कर अपनी साईकल पर बैठने को कहता था। १० दिसंबर २०१७ को आरोपी ने उसका बुरी नीयत से बायां हाथ पकड़ कर उसे अपनी ओर खींच लिया। महिला के पति कमलेश के आ जाने पर आरोपी भाग गया। महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध ठहराते हुए एक साल के कारावास से दंडित किया। प्रकरण की पैरवी संगीता दुबे सहायक जिला अभियोजन अधिकारी द्वारा की गई।

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