Bridge corporation : पानी उतरा तो उभरे जख्म, अधिकारी ने कहा- नहीं खतरा

Bridge corporation : पानी उतरा तो उभरे जख्म, अधिकारी ने कहा- नहीं खतरा
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Narendra Shrivastava | Updated: 10 Sep 2019, 11:18:15 PM (IST) Narsinghpur, Narsinghpur, Madhya Pradesh, India

झांसीघाट पुल का मुआयना : सेतु निगम के अधिकारियों के निरीक्षण के बाद शुरू हुआ यातायात

गोटेगांव। बरगी डैम के २१ गेट खुलने के बाद नर्मदा नदी में ऐसा उफान आया कि दोनो तटों से सट कर नर्मदा का जल प्रवाहित हो रहा था। जहां पानी फैलने के लिए जगह नहीं मिल रही थी वहां पानी का स्तर ऊपर उठने के बाद वहां के पुलों को अपने आगोश में समेट लिया था। जब गेट बंद हुए तो जल स्तर नीचे फुर्ती के साथ घटने लगा। सोमवार रात आठ बजे नर्मदा नदी के झांसीघाट पुल के नीचे १५ फीट ऊपर मौजूद पानी नीचे हुआ। पुल पर से पानी उतरने के बाद पुल की स्थिति देखने के बाद वाहनों की आवाजाही प्रारंभ नहीं की गई और पुलिस ने पुल के दोनों ओर सोमवार की रात को सख्ती से वाहनों पर रोक लगा दी।
जिले के कलेक्टर दीपक सक्सेना और पुलिस अधीक्षक गुरूकरन सिंह नर्मदा नदी के झांसीघाट पुल का पानी उतरने के बाद सोमवार की रात आए और पुल पर मौजूद स्थिति का अवलोकन करने के बाद वाहनों को पुल के ऊपर से नहीं निकलने दिया। उन्होंने झांसीघाट पुल के पहले पडऩे वाले घुघरा नाले के पुल की भी स्थिति देखी जहां डामरीकरण सडक़ पर एक हिस्से में दरार नजर आ रही थी। पानी उतरने के बाद वाहनों की आवाजाही नहीं होने से शहपुरा साइड वाहनों की लंबी कतार लग गई थी।


बही बेरिकेड्स, प्रथम तल जोड़ में आई दरारें

टीआई प्रभात शुक्ला ने बताया कि सोमवार की रात को पानी उतरने के बाद पुल की स्थिति का अवलोकन किया तो कई जगह पर मौजूद लोहे के पाइप की बेरिकेड्स टूट कर अलग हो गई। कुछ हिस्से की बेरिकेड पानी में बह गई। वहीं पुल के दो हिस्से में कटाव नजर आए इसलिए उसके ऊपर से वाहनों की आवाजाही नहीं होने दी।

एमपीआरडीसी अफसरों ने देखा पुल
मंगलवार दोपहर ११ बजे मध्यप्रदेश सडक़ विकास निगम जबलपुर के डिवीजन मैनेजर आरपी सिंह व सहायक महाप्रबंधक संतोष शर्मा ने झांसीघाट पुल का निरीक्षण करने के बाद बताया कि पुल पर किसी प्रकार का डेमेज नहीं हुआ। उसकी ऊपरी परत ही टूटी है जिस पर अस्थायी रूप से मरम्मत कराने के बाद यातायात को चालू करा दिया गया है। पुल की रैलिंग बहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पानी अचानक आया है, उनको किसी अलर्ट की जानकारी नहीं मिली वरना रैलिंग को अलग कराने का कार्य करवा लिया जाता। उन्होंने बताया कि बारिश रूकने के बाद पुल पर जो अस्थायी मरम्मत का कार्य करवाया है। उस पर पक्का दुरूस्तीकरण का कार्य करवाया जाएगा। घुघरा पुल का भी अवलोकन करके रोड पर आई दरार को देख कर यहां से एक साइड से वाहन निकालने की इजाजत दी गई है।
इन अधिकारियों के आने के बाद गोटेगांव से एसडीएम जीसी डहेरिया, एसडीओपी पीएस बालरे व टीआई प्रभात शुक्ला पहुंचे और उन्होंने निकलने वाले वाहनों को देखने के बाद यहां पर तैनात पुलिस कर्मचारी को हटाते हुए यातायात को पूरी तरह से चालू कर दिया। एसडीएम ने बताया कि जब सेतु निगम के अधिकारियों ने पुल की जांच कर ली इसके बाद यातायात को रोका नहीं जा सकता है।

पुल के दोनों ओर सिल्ट जमी
नर्मदा नदी झांसीघाट के दोनों ओर बाढ़ के कारण मोटी सिल्ट जम गई है, जिसके ऊपर से कोई पैदल नहीं निकल पा रहा था। जिस स्थल पर खारी विसर्जन का कार्य होता है वहां पर नर्मदा में बहुत पानी होने के कारण खारी विसर्जन करने वाले पुल के ऊपर ही बैठ कर मुंडन कराके खारी विसर्जन का कार्य करते रहे। नर्मदा नदी के मुआरघाट में भी स्नान करने वाली सीढिय़ों में भारी तादाद में सिल्ट जमा हो गई। यहां पर मौजूद धर्मशाला आधी डूब जाने से उसके अंदर रखा हुआ बहुत सा सामान गीला हो गया है।

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