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NPS ने रिटर्न देने में Mutual फंड्स को पछाड़ा, देखिये कितना मिला रिटर्न

NPS Mutual Fund: सरकारी पेंशन स्कीम की खास बात यह है कि इसमें पुरानी और नई दोनों टैक्स रिजीम में टैक्स बेनिफिट मिलता है। इस स्कीम में इक्विटी में भी एक्सपोजर है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद बेहतर रिटर्न की गुंजाइश भी बनती है।

नई दिल्लीJun 07, 2024 / 10:12 am

Paritosh Shahi

NPS Mutual Fund: नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) की इक्विटी योजनाओं ने अधिकतर लार्जकैप फंड्स से अधिक रिटर्न दिया है। फ्लेक्सीकैप का रिटर्न भी एनपीएस से मामूली बेहतर है। साथ ही टैक्स सेविंग के लिहाज से नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) बेहतरीन विकल्प है। इस सरकारी पेंशन स्कीम की खास बात यह है कि इसमें पुरानी और नई दोनों टैक्स रिजीम में टैक्स बेनिफिट मिलता है। इस स्कीम में इक्विटी में भी एक्सपोजर है। इसलिए रिटायरमेंट के बाद बेहतर रिटर्न की गुंजाइश भी बनती है।

पुरानी टैक्स व्यवस्था में इतनी टैक्स छूट

सेक्शन 80सीसीडी (1)
इसके तहत एनपीएस में टियर-1 अकाउंट में अधिकतम 1.5 लाख रुपए या सैलरीड लोगों की सालाना बेसिक सैलरी प्लस डीए का अधिकतम 10त्न और सेल्फ एंप्लॉयड लोगों के लिए टोटल इनकम का अधिकतम 20त्न फीसदी, दोनों में से जो भी कम हो के निवेश पर टैक्स में छूट मिलती है।
सेक्शन 80सीसीडी (1बी)
इसके तहत एनपीएस टियर-1 अकाउंट में किए गए 50 हजार रुपए के निवेश पर 80सीसीडी (1) की लिमिट के अतिरिक्त टैक्स में छूट है। यानी एक वित्त वर्ष में एनपीएस में अधिकतम 2 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं। सेक्शन 80सी के तहत 1.50 लाख की निवेश सीमा पार हो जाने के बाज भी एनपीएस में 50 हजार रुपए के निवेश पर अलग से टैक्स में छूट प्राप्त कर सकते हैं।

नई-पुरानी दोनों टैक्स रिजीम में छूट

सेक्शन 80सीसीडी (2)
इसमें नियोक्ता की ओर से कर्मचारी के एनपीएस में किए गए योगदान पर भी टैक्स में छूट का प्रावधान है। इसके तहत प्राइवेट कर्मचारियों को बेसिक सैलरी प्लस डीए के 10त्न के बराबर योगदान और सरकारी कर्मचारियों को बेसिक सैलरी प्लस डीए के 14त्न योगदान तक की राशि पर टैक्स छूट मिलती है। इसका फायदा केवल वेतनभोगी लोगों को मिलता है। टैक्सपेयर्स को सेक्शन 80सीसीडी (2) त तहत छूट इनकम टैक्स की दोनों रिजीम, यानी नई और पुरानी टैक्स प्रणाली में मिलती है।
एनपीएस पर टैक्स ट्रीटमेंट
एनपीएस ईईई कैटेगरी में है। यानी इसमें न तो जमा करने पर, न निकासी पर और न मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगता है। एनपीएस में कुल मैच्योरिटी की 60त्न रकम को ही निकालने की इजाजत है। बाकी 40त्न मैच्योरिटी राशि को एन्युटी यानी पेंशन प्लान में निवेश करना होता है। एन्युटी में निवेश की रकम टैक्स-फ्री है लेकिन एन्युटी के तहत मिलने वाली पेंशन पर टैक्स में कोई छूट नहीं है।

सलाह: अतिरिक्त टैक्स बचत के लिए एनपीएस में करें निवेश

1.5% से 2% तक मैनेजमेंट फीस वसूलते हैं म्यूचुअल फंड हाउस इक्विटी फंड्स में,जबकि एनपीएस का मैनेजमेंट फीस 0.03% से 0.09% के बीच, जिससे समान रिटर्न मिलने पर भी एनपीएस का रियल रिटर्न काफी बढ़ जाता है।

एनपीएस इक्विटी स्कीम रिटर्न देने में टॉपर

फंड कैटेगर 1 साल 3 साल 5 साल 10 साल
फ्लेक्सीकैप 28.65 18.57 18.47 16.54
लार्जकैप 26.86 18.06 15.98 14.25
एनपीएस 30.21 18.30 16.80 14.60
(सालाना औसत रिटर्न फीसदी में)

डेट श्रेणी में भी एनपीएस बेहतर

स्कीम एक साल का रिटर्न
एनपीएस गिल्ट फंड 7.92%
लॉन्ग ड्यूरेशन फंड 7.85%
एनपीएस कॉरपोरेट फंड 7.911
कॉरपोरेट म्यूचुअल फंड 7.85%

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