
Protested MLA in Bihar assembly against Budget 2024: बिहार को विशेष राज्य का दर्जा तो नहीं मिला लेकिन बजट में स्टेट को विशेष आर्थिक सहायता (Special Financial Package for Bihar in Budget 2024) के नाम पर भारी-भरकम पैकेज दिया गया। इंडिया गठबंधन (India Block) में शामिल पार्टियों के नेताओं ने इसे 'सरकार बचाओ बजट' करार दिया। हालांकि इसके इतर इंडिया गठबंधन में शामील राष्ट्रीय जनता पार्टी (Rashtriya Janta Dal) की सांसद मीसा भारती (Misa Bharti) ने कहा कि बिहार को बजट में कोई खास तवज्जो नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि बिहार को मिला क्या है?… कहीं ना कहीं उन्हें एक झुनझुना और लॉलीपॉप देकर पीएम के सर पर लटक रही तलवार को टाला गया है। मीसा भारती ने कहा कि इसमें मध्यम वर्ग के लिए कुछ नहीं है। युवाओं के लिए कुछ नहीं है रोजगार पर कोई बात नहीं हुई है। बहुत सी योजनाएं जिसकी इन्होंने घोषणा की है वो पहले से चल रही है, बस उसे नए तरीके से पैक कर प्रस्तुत किया गया है। बिहार में चुनाव है इसलिए हमें और जनता को लगता है कि ये चुनावी घोषणाएं साबित होंगी। बिहार विधानसभा में भी विपक्षी पार्टियों ने काफी हंगामा किया और कहा कि राज्य को झुनझुना पकड़ा दिया गया है।
मंगलवार को केंद्रीय बजट पेश होने के बाद इंडिया गठबंधन में शामिल विपक्षी पार्टियों ने संसद के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि बजट भेदभावपूर्ण और दूरदर्शिता का अभाव है। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी बुनियादी मुद्दों को हल करने में विफल रही है और उसकी "मजबूरी" बजट में दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि बजट से पूरा देश परेशान है. सभी राज्यों के लोग परेशान हैं क्योंकि भाजपा उनके बुनियादी मुद्दों को हल करने में विफल रही है। इस बजट में सरकार की मजबूरी दिख रही है
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने बिहार को विशेष आर्थिक सहायता पैकेज के तौर पर 58 हजार करोड़ रुपये से अधिक का फंड देने की घोषणा की। बिहार में हाईवे और एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए करीब 28 हजार करोड़ रुपये की धनराशि देने की घोषणा की गई है। वहीं थर्मल पावर प्लांट के लिए 21 हजार करोड़ और हर साल आने वाली बाढ़ की विभीषिका से बचाने के लिए 11,500 करोड़ रुपए की धनराशि देने की बात बजट में कही गई है। बिहार में टूरिज्म की संभावना को और ज्यादा भुनाने के लिए टूरिज्म पैकेज का भी ऐलान किया गया है।
बिहार की विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने बजट में आवंटित इतनी भारी-भरकम राशि की उपेक्षा करते हुए मोदी सरकार पर राज्य की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। विपक्षी पार्टी के नेताओं ने विधानसभा में हंगामा करते हुए कहा कि यह बजट राज्य के लोगों की नजरों से देखा जाए तो निराशाजनक है। विपक्षी नेताओं के शोर-शराबा मचाने के चलते विधानसभा की कार्यवाही दो बार रोकनी पड़ी। विपक्षी पार्टियों के विधायक अपने हाथों में तख्तियां लिए हुए विधानसभा पहुंचे थे जिसपर लिखा था- 'बिहार विरोधी भाजपा शर्म करो।' विधायकों ने कहा कि आम बजट में बिहार जैसे गरीब राज्यों के लिए कुछ खास नहीं है। यह जनविरोधी बजट है।
Updated on:
24 Jul 2024 01:54 pm
Published on:
24 Jul 2024 01:20 pm
