
Delhi Pollution
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण ( Delhi Pollution ) रोकने को लेकर केजरीवाल सरकार ( Kejriwal Govt ) लगातार सख्त कदम उठा रही है। वाहनों से लेकर कारखानों तक हर स्तर पर निकलने वाले धुएं को नियंत्रण करने के लिए फैसले लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के आम आदमी पार्टी ( Aam Aadmi Party ) सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है।
दिल्ली सरकार ने प्रदूषण ( Pollution ) पर रोक लगाने के लिए निजी निर्माण कंपनियों को 14 सूत्री दिशा-निर्देश ( Guidelines ) जारी किए हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ( Gopal Rai) ने कहा कि दिल्ली सरकार ने सभी निजी निर्माण स्थलों को, धूल प्रदूषण रोकने के लिए 14 सूत्री दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में निर्माण कार्य में लगी सभी सरकारी एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और उन्हें 21 सितंबर तक धूल प्रदूषण को रोकने के लिए अपनी कार्य योजना पेश करने के लिए कहा गया।
15 दिन में पालन करने का निर्देश
गोपाल राय ने कहा कि शहर में कई निजी एजेंसियां निर्माण कार्य कर रही हैं। 50 से ज्यादा ऐसी कंपनियों के साथ बैठक कर निजी निर्माण स्थलों को 15 दिनों में धूल प्रदूषण रोकने के लिए 14 सूत्री दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
सरकार उठा रही कड़े कदम
प्रदूषण की रोकथाम के लिए दिल्ली सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। खास तौर पर राजधानी में दो इलाकों में स्मॉग टावर भी लगाए गए हैं, ताकि हवा को शुद्ध रखा जा सके।
वहीं सरकार ने 14 सूत्रीय जारी दिशा निर्देश का पालन ना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही है।
ये हैं 14 दिशा निर्देश
- निर्माण स्थलों के चारों ओर टीन की दीवार खड़ी की जाए
- धूल से बचाव के लिए लगातार पानी का छिड़काव
- बीस हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में निर्माण और ध्वस्तीकरण होने पर एंटी स्मोग गन लगाना जरूरी
- निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों को पूरी तरह से ढंकना होगा
- निर्माण को तिरपाल या ग्रीन नेट से ढंकना अनिवार्य होगा
- निर्माण सामग्री या मलबे का सड़क किनारे भंडारण प्रतिबंधित
- निर्माण सामग्री लाने-ले जाने वाले वाहनों की सफाई अनिवार्य
- बिना ढंके मिट्टी या बालू को नहीं रखा जाएगा
- पत्थरों की कटिंग या ग्राइडिंग खुले में नहीं होनी चाहिए
- बीस हजार वर्ग मीटर से ज्यादा वाली साइट पर सड़क पक्की हो या ब्लैक डाक्स बनाई जाएं
- कर्मचारियों को डस्ट मास्क दिया जाए
- मलबे को चिह्नित साइट पर ही भेजा जाए और रिकार्ड रखा जाए
- कर्मचारियों की चिकित्सा की व्यवस्था हो
- निर्माण स्थलों पर सार्वजनिक बोर्ड लगाया जाएं
Published on:
18 Sep 2021, 11:17 AM IST
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