scriptOBC Political Reservation hearing In Supreme Court | OBC Reservation: ओबीसी राजनीतिक आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसला | Patrika News

OBC Reservation: ओबीसी राजनीतिक आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसला

ओबीसी राजनीतिक आरक्षण को लेकर 19 जनवरी बुधवार को शीर्ष अदातल में अहम सुनवाई है। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही हैकि OBC Reservation को लेकर अहम फैसला आ सकता है।

नई दिल्ली

Published: January 19, 2022 02:00:03 pm

ओबासी राजनीतिक आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही है। खास तौर मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों की नजरें में सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसले पर टिकी हुई है। दरअसल महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक साथ सुनवाई कर रहा है। इससे पहले शीर्ष अदालत ने 15 दिसंबर 2021 को दिए गए अपने फैसले में ओबीसी वर्गों के लिए राजनीतिक आरक्षण रद्द कर दिया था। सर्वोच्च न्यायाल ने इन राज्यों से कहा था कि वे पहले ओबीसी वर्ग से जुड़े इम्पिरिकल डेटा एकत्र करें। उसके बाद आरक्षण दें।
OBC Political Reservation hearing In Supreme Court
OBC Political Reservation hearing In Supreme Court
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मध्य प्रदेश सरकार ने विधानमंडल में एक प्रस्ताव लाकर राज्यपाल के जरिए चुनाव आयोग से अनुरोध किया कि, जब तक इस संबंध में अंतिम रूप से कोई फैसला नहीं होता तब तक आगामी चुनावों टाल दिया जाए।

यह भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट के 10 जज कोविड पॉजिटिव, महाराष्ट्र में 499 पुलिसकर्मी भी संक्रमित

वहीं इसी तर्ज पर महाराष्ट्र सरकार ने भी प्रस्ताव पास किया था। महाराष्ट्र सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मद्देनजर नई याचिका दायर की है जिसमें अदालत से 15 दिसंबर के फैसले को वापस लेने के मांग की गई।
केंद्र सरकार भी कर चुकी अपील

वहीं केंद्र सरकार भी इस आदेश को वापस लेने या उसे संशोधित करने की अपील कर चुकी है। 15 दिसंबर के अपने आदेश के तहत सुप्रीम कोर्ट ने अपने 6 दिसंबर के आदेशों पर किसी भी तरह की तब्दीली करने से मना कर दिया था।

इस आदेश के मुताबिक कोर्ट ने स्थानीय निकायों के चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षित सीटों से जुड़े अध्यादेश पर अगले आदेश तक रोक लगाई थी। इन सबके बीच सुप्रीम कोर्ट इस पुनर्विचार याचिका पर क्या फैसले लेती है, उस पर दोनों राज्यों की नजरें टिकी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकायों के चुनाव में ओबीसी आरक्षण के खत्म कर दिया है। यही नहीं शीर्ष अदालत ने निर्देशित किया है कि रिजर्वेशन की अधिकतम सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती। वहीं सर्वोच्च अदालत ने ओबीसी आरक्षण के दावे के पक्ष में राज्य को इम्पीरिकल डेटा एकत्र करने का निर्देश दिया है। इस डेटा से यह साफ हो जाएगा कि किसी भी राज्य में किसी जाति को क्यों पिछड़ी जाति मानी जाए। वहीं राज्य सरकारें इस डाटा को एकत्र करने के लिए भी समय मांग रही हैं।
यह भी पढ़ें

obc reservation: ओबीसी मामले में अब एक साथ होगी सभी याचिकाओं पर सुनवाई



हालांकि राज्यों के सामने ये चुनौती भी है कि केंद्र की ओर से जातीय जनगणना पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में जबतक इम्पीरिकल डेटा जुटाए नहीं जाते, तब तक किसी भी आबादी को राजनीतिक तौर पर पिछड़ा वर्ग नहीं माना जा सकता।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्सयहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतिशुक्र का मेष राशि में गोचर 5 राशि वालों के लिए अपार 'धन लाभ' के बना रहा योगराजस्थान के 16 जिलों में बारिश-आंधी व ओलावृ​ष्टि का अलर्ट, 25 से नौतपाजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथइन बर्थ डेट वालों पर शनि देव की रहती है कृपा दृष्टि, धीरे-धीरे काफी धन कर लेते हैं इकट्ठा7 फुट लंबे भारतीय WWE स्टार Saurav Gurjar की ललकार, कहा- रिंग में मेरी दहाड़ काफीशुक्र देव की कृपा से इन दो राशियों के लोग लाइफ में खूब कमाते हैं पैसा, जीते हैं लग्जीरियस लाइफ

बड़ी खबरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टोक्यो पहुंचे, भारतीय प्रवासियों ने किया स्वागत, जापानी बच्चे के हिन्दी बोलने पर गदगद हुए PMदिल्ली-NCR में सुबह आंधी और बारिश से कई जगह उखड़े पेड़, विमान सेवा प्रभावितज्ञानवापी मामले के बीच गोवा के सीएम का बड़ा बयान, प्रमोद सावंत बोले- 'जहां भी मंदिर तोड़े गए फिर से बनाए जाएं'BJP को सरकार बनाने के लिए क्यों जरूरी है काशी और मथुरा? अयोध्या से बड़ा संदेश देने की तैयारीबेल्जियम, पहला देश जिसने मंकीपॉक्स वायरस के लिए अनिवार्य किया क्वारंटाइनएशिया कप हॉकी: पहले ही मैच में भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान, ऐसा है दोनों टीमों का रिकॉर्डआख़िर क्यों असदुद्दीन ओवैसी बार-बार प्लेसेज ऑफ़ वर्शिप एक्ट की बात कर रहे हैं, जानें क्या है यह एक्टकपिल देव के AAP में शामिल होने की चर्चा निकली गलत, सोशल मीडिया पर पूर्व कप्तान ने खुद साफ की स्थिति
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.