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महिलाओं के हक में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला- विवाहित की तरह अविवाहित को भी गर्भपात का अधिकार

देश की सर्वोच्च अदालत का महिलाओं के हक में बड़ा फैसला सामने आया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के कानूनी गर्भपात को लेकर फैसला सुनाया है। विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला?
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Dheeraj Sharma

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Updated: 29 Sep 2022, 11:39 AM IST

Supreme Court Says All Woman Are Entitled To Safe And Legal Abortion

Supreme Court Says All Woman Are Entitled To Safe And Legal Abortion

देश की शीर्ष अदालत ने महिलाओं के कानूनी गर्भपात को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि सभी महिलाएं, चाहे विवाहित हों या अविवाहित, सुरक्षित और कानूनी गर्भपात की हकदार हैं। सर्वोच्च अदालत ने मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट (MTPA) में संशोधन करते हुए कहा है कि, विवाहित महिला की तरह अविवाहित महिला को भी गर्भपात करने का अधिकार है। कोर्ट के इस फैसले को महिलाओं को हक में बड़ा कदम बताया जा रहा है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, किसी विवाहित महिला को जबरन प्रेगनेंट करना मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी ऐक्ट के तहत रेप माना जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक केस की सुनवाई करते हुए यह बात कही।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अविवाहित महिला को भी 20 से 24 सप्ताह के गर्भ को गर्भपात करने का अधिकार है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच गर्भपात के अधिकार को समान बताया।


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने एमटीपी कानून और इससे संबंधित नियमों के बदलाव को लेकर यह फैसला सुनाया है। देश की शीर्ष अदालत ने कहा कि विवाहित महिला की तरह ही अविवाहित युवतियां भी बिना किसी की मंजूरी के 24 सप्ताह तक गर्भपात करा सकती हैं। कोर्ट ने इस दौरान साफ तौर पर कहा कि विवाहित हो या फिर अविवाहित महिला सभी को सुरक्षित अबॉर्शन का अधिकार है।

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