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तेलंगाना सरकार और राज्यपाल में तकरार जारी, राज्य के स्थापना दिवस समारोह का नहीं दिया निमंत्रण

Telangana Foundation Day: तेलंगाना की स्थापना दिवस पर राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को समारोह के लिए राज्य की KCR सरकार की ओर से कोई न्योता नहीं भेजा गया। जिसके बाद अब राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन राजभवन में स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगी।
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नई दिल्ली

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Paritosh Shahi

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Updated: 2 Jun 2023, 12:13 PM IST

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Telangana Foundation Day: तेलंगाना में राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच चल रही तकरार एक बार फिर खुल के सामने आई है। राजभवन के मुताबिक तेलंगाना स्थापना दिवस की एक शाम पहले आयोजित समारोह के लिए राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन को राज्य की KCR सरकार से कोई न्योता नहीं भेजा गया। जिसके बाद अब राज्यपाल राजभवन में तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह में भाग लेंगी। इस बीच राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम मोदी ने राज्य स्थापना दिवस पर तेलंगाना की जनता को बधाई दी। केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी भी तेलंगाना स्थापना दिवस समारोह के कार्यक्रम में मौजूद थे। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री ने दो दिवसीय कार्यक्रमों का उद्घाटन किया। यहां शाम को कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाना है।


पहले भी हुआ है टकराव

बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब यहां के राज्यपाल और सरकार आमने-सामने हो। इससे पहले भी राज्यपाल और सरकार में टकराव तब देखा गया था, जब राज्य सरकार ने राज्यपाल को तेलंगाना सचिवालय के उद्घाटन के लिए आमंत्रित नहीं किया था। इसको लेकर हाल ही में राज्यपाल ने खुलेआम नाराजगी भी जताई थी। जिसका हाल ही में तेलंगाना के मुख्यमंत्री के के चंद्रशेखर राव ने हैदराबाद में उद्घाटन किया था।

सुंदरराजन ने केसीआर सरकार को लगाई थी फटकार

उद्घाटन में निमंत्रित नहीं किये जाने के बाद सुंदरराजन ने चेन्नई में एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि उन्हें राज्य के इस महत्वपूर्ण समारोह में निमंत्रण भी नहीं दिया गया था, क्योंकि सीएम राज्य में शासन संभालते हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब देश में समूचा विपक्ष राष्ट्रपति को एक गैर-राजनीतिक व्यक्ति के रूप में देखता है तो राज्यपालों के लिए राज्य सरकारों में ऐसी भावना क्यों नहीं है।

गवर्नर सुंदरराजन की यह टिप्पणी 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर चल रहे राजनीतिक बवाल के बीच आई थी। इस उद्घाटन समारोह का विरोध करते हुए कम से कम 21 विपक्षी दलों ने कार्यक्रम के बहिष्कार करने का फैसला किया था। उनकी मांग थी कि इसका उद्घाटन पीएम की जगह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को करना चाहिए।लेकिन तमाम विरोध के बाद भी पीएम मोदी ने ही इसका उद्घाटन किया।

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आज हुई थी तेलंगाना की स्थापना

तेलंगाना की आज ही के दिन 2014 में एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापना हुई थी। इससे पहले तेलंगाना, आंध्र प्रदेश राज्य का हिस्सा था।बता दें कि तेलंगाना को अलग राज्य का दर्जा देने की मांग 1969 से ही उठ रही थी, लेकिन साल 1972 और 2009 में इसके लिए दो बड़े जन आंदोलन हुए।

इन आंदोलनों के चलते ही तेलंगाना अलग राज्य बन पाया। 2009 के आंदोलन में लाखों लोग शामिल हुए थे और केसीआर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। इसके बाद कई सालों तक चले शांतिपूर्ण विरोध के बाद तेलंगाना के लोगों की मांग मान ली गई और राज्य की स्थापना हुई।

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