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देश में हर घंटे होती हैं 53 सड़क दुर्घटनाएं और 19 मौतें

locationनई दिल्लीPublished: Jan 16, 2024 05:05:29 pm

Submitted by:

Suresh Vyas

- गडकरी बोले, 2030 तक मौतों का आंकड़ा 50 फीसदी कम करने का लक्ष्य

देश में हर घंटे होती हैं 53 सड़क दुर्घटनाएं और 19 मौतें
देश में हर घंटे होती हैं 53 सड़क दुर्घटनाएं और 19 मौतें

नई दिल्ली। देश में हर घंटे 53 दुर्घटनाएं होती है और इस दौरान 19 लोगों की जान चली जाती है। सड़क दुर्घटनाओं में 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके परिणामस्वरूप सकल घरेलू उत्पाद को 3.14 प्रतिशत की सामाजिक-आर्थिक हानि हुई है।

केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटना में हुई मृत्यु से एक परिवार में कमाने वाले का नुकसान, नियोक्ता के लिए पेशेवर नुकसान व अर्थव्यवस्था के लिए समग्र हानि है। सरकार ने साल 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का आंकड़ा 50 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए काम शुरू किया है।

गड़करी ने मंगलवार को यहां सीआईआई की ओर से आयोजित सड़क सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन 'भारतीय सड़कें@2030 और सुरक्षा के उच्च मापदंड' को सम्बोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना 2022 पर नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार देश में 4.6 लाख सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें 1.68 लाख लोगों की मौतें हुई हैं और चार लाख लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। साठ प्रतिशत मौतें 18 से 35 वर्ष के युवा वर्ग में होती हैं। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि दुर्घटना में हुई मृत्यु से एक परिवार में कमाने वाले का नुकसान, नियोक्ता के लिए पेशेवर नुकसान और अर्थव्यवस्था के लिए समग्र हानि होती है।

उन्होंने कहा कि सरकार 'सड़क सुरक्षा के 4ई' – इंजीनियरिंग (सड़क और वाहन अभियांत्रिकी), इन्फोर्समेंट (प्रवर्तन), एज्युकेशन (शिक्षा) और इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज (आपातकालीन चिकित्सा सेवा) को मजबूत करने के साथ सामाजिक व्यवहार में बदलाव लाकर हादसों की संख्या में कमी लाने की कोशिश कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी के सहयोग से ही सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाया जा सकता है। स्कूल, कॉलेजों के बीच शिक्षा व जागरूकता, एनजीओ, स्टार्ट-अप, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं, आईआईटी, विश्वविद्यालयों, यातायात व राजमार्ग प्राधिकरणों के साथ सहयोग से सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।

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