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बलात्‍कार के क्लिप्‍स दिखाने वाली वेबसाइट्स पर दिल्‍ली पुलिस हुई सख्‍त, एफआइआर दर्ज

इंटरनेट पर उपलब्‍ध अश्‍लील सामग्रियों पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने कमर कस रखी है। ऐसे वेबसाइट्स के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर पुलिस जिम्मेदार व्‍यक्तियों का पता लगाने में जुट गई है।
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बलात्‍कार के क्लिप्‍स दिखाने वाली वेबसाइट्स पर दिल्‍ली पुलिस हुई सख्‍त, एफआइआर दर्ज

बलात्‍कार के क्लिप्‍स दिखाने वाली वेबसाइट्स पर दिल्‍ली पुलिस हुआ सख्‍त, एफआइआर दर्ज

नई दिल्ली : इंटरनेट ने डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया को बहुत तेजी से बढ़ाया है। इसके साथ ही इसने दुनिया को एक विंडो में समेट कर रख दिया है। देश-दुनिया की नित नई जानकारियों का यह खजाना है तो साथ में इसकी वजह से कई बुराइयां भी आ रही है। अश्‍लील सामग्रियों तक भी बच्‍चों की पहुंच बेरोक-टोक के हो गई है। इसे लेकर सभ्‍य समाज में बेचैनी है। लेकिन इस पर लगाम लगाना किसी सभी समाज और सरकार के लिए काफी मुश्किल हो रहा है। दिल्‍ली पुलिस ने हाल-फिलहाल में कुछ ऐसी साइट्स को चिह्नित किया है, जो सीधे-सीधे बलात्‍कार और सामूहिक बलात्‍कार के वीडियो क्लिप्‍स अपलोड हैं। इनके खिलाफ दिल्ली पुलिस ने इनके खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने इन पॉर्न वेबसाइट्स के खिलाफ 5 एफआइआर दर्ज की है। दिल्‍ली पुलिस ने यह कार्रवाई आईटी मिनिस्ट्री से शिकायत मिलने के बाद की है।

भारतीयों की क्लिप्‍स भी हैं मौजूद
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इन वेबसाइट्स पर ऐसे विडियो क्लिप्‍स भी उपलब्‍ध हैं, जिनमें भारतीय भी रेप करते दिख रहे थे। अब दिल्‍ली पुलिस इनका आइपी एड्रेस ट्रैक कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि इन विडियोज को कहां से अपलोड किया गया है और इसके लिए जिम्‍मेदार व्‍यक्तियों को हिरासत में लिया जा सके। अभी तक बस यह पता चला है कि इन वेबसाइट्स को भारत से ही चलाया जा रहा था। आइटी मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दिल्‍ली पुलिस की साइबर सेल को दी थी।

2015 में 800 ऐसे वेबसाइट्स किए गए थे ब्‍लॉक
इन वेबसाइट्स पर ऐसी सामग्रियों का पता चलते ही भारत सरकार ने इन्‍हें ब्लॉक कर दिया है। बता दें कि सरकार की ओर से आइटी मिनिस्ट्री ने 2015 में ऐसे करीब 800 वेबसाइट्स की लिस्ट तैयार की थी।

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