script सीख रहे ड्रोन की मदद से पहाड़ों में आतंकियों से निपटने के गुर | Learning tricks to deal with terrorists in the mountains with the help | Patrika News

सीख रहे ड्रोन की मदद से पहाड़ों में आतंकियों से निपटने के गुर

locationनई दिल्लीPublished: Nov 24, 2023 09:03:39 pm

Submitted by:

Suresh Vyas

- पिथौरागढ़ में शुरू हुआ भारत-नेपाल सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास

सीख रहे ड्रोन की मदद से पहाड़ों में आतंकियों से निपटने के गुर
युद्धाभ्यास के लिए पहुंचे नेपाली सेना के अधिकारी की पिथौरागढ़ के मैत्री द्वार पर अगवानी करते भारतीय सेना के अधिकारी।

नई दिल्ली। भारत और नेपाल की सैन्य टुकड़ियां अब जंगल युद्ध के साथ ड्रोन की मदद से पहाड़ी इलाकों में आतंकियों को नैस्तनाबूत करने के गुर सीख रही हैं। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में शुक्रवार से शुरू हुए दोनों सेनाओं के वार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास 'सूर्यकिरण-2023' में इस बार ड्रोनों की तैनाती, ड्रोन-रोधी उपायों, चिकित्सा प्रशिक्षण, विमानन पहलुओं व पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

शांति स्थापना अभियानों पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक जंगल युद्ध, पर्वतीय इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों तथा मानवीय सहायता व आपदा राहत में समन्वित प्रयासों को परखने के उद्देश्य से हो रहा यह संयुक्त अभ्यास सात दिसम्बर तक चलेगा। इसमें शामिल होने के लिए नेपाली सेना की तारा दल बटालियन के 334 सैन्य कर्मियों की टुकड़ी भारत पहुंची है। भारतीय सेना की टुकड़ी का नेतृत्व कुमाऊं रेजिमेंट की एक बटालियन कर रही है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच हर साल बारी बारी से होने वाले सूर्यकिरण संयुक्त अभ्यास का यह 17वां संस्करण है। भारत व नेपाल के बीच मैत्री, विश्वास व आम सांस्कृतिक संबंधों के मजबूत बंधन के प्रतीक इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य साझा सुरक्षा लक्ष्यों को हासिल करना और दो मित्रवत पड़ोसियों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देना है। इससे व्यापक रक्षा सहयोग के प्रति दोनों देशों की अटूट प्रतिबद्धता को बल मिलेगा।

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