
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंत्रियों को रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म का मंत्र दिया है। इस मंत्र को लागू करने के लिए केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने मंत्रालयों की बैठक कर व्यापक प्रशासनिक सुधारों की शुरुआत के संकेत दिए हैं। उच्चस्तरीय बैठक में शिकायत निवारण, एआइ आधारित मॉनिटरिंग, डिजिटल गवर्नेंस, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और जवाबदेह कार्य संस्कृति पर विशेष जोर दिया गया।
चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से कहा कि अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचा जाए और केवल अत्यंत जरूरी मामलों में ही ऐसे प्रस्ताव आगे आएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समय प्राथमिकता देश के भीतर काम की गति, गुणवत्ता और परिणाम को बेहतर बनाना है।
1. रिफॉर्म-नियम प्रक्रिया करो आसान, नहीं काटना पड़े चक्कर
किसान, गरीब और ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, सडक़ योजना, कृषि योजनाएं, बागवानी, बीमा, विपणन या अन्य कार्यक्रमों में बेवजह चक्कर नहीं काटने पड़े। इसके लिए नियम, प्रक्रिया, तंत्र और कार्यप्रणाली को सरल बनाना ही होगा। मंत्री शिवराज ने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर बाधाओं और सुधार योग्य प्रावधानों की सूची तैयार करने को कहा है।
2. परफॉर्म: शिकायतों का डिस्पोजल पर्याप्त नहीं, वास्तविक राहत जरूरी
मंत्री ने स्पष्ट कहा कि केवल फाइलों में डिस्पोजल दिखाना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि योजनाओं का लाभ जमीन पर दिखना चाहिए। शिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालयों में विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जो प्रतिदिन शिकायतों और जनसमस्याओं की समीक्षा करेंगी।
3. ट्रांसफॉर्म: एआइ, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित मॉनिटरिंग
एआइ, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित मॉनिटरिंग को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि, ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन और आईसीएआर में तकनीक आधारित कामकाज बढ़ाने, डेटा इंटीग्रेशन और साझा शिकायत तंत्र विकसित करने की दिशा में काम तेज करने के निर्देश दिए गए।
4. इन्फॉर्म: रिफॉर्म उत्सव मनाए
केवल सुधार कर देना काफी नहीं है, बल्कि जिनके लिए सुधार किए गए हैं, उन्हें बुलाकर बताया जाना चाहिए कि क्या बदला है? उससे क्या लाभ होगा? और आगे क्या और किया जा सकता है। इसलिए हितधारकों से संवाद, किसान संगठनों के साथ बैठक, मजदूरों और सरपंचों से बातचीत, जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सूचना, सोशल मीडिया, ग्राफिक्स, वीडियो, रील्स और रचनात्मक संचार माध्यमों से योजनाओं और सुधारों को जनता तक पहुंचाया जाए।
Updated on:
23 May 2026 02:20 pm
Published on:
23 May 2026 02:19 pm
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