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राजस्थान पत्रिका में गृहमंत्री शाह के इंटरव्यू से बिहार में पड़ी बड़े बदलाव की नींव

locationनई दिल्लीPublished: Jan 31, 2024 04:49:21 pm

Submitted by:

Navneet Mishra

- गृहमंत्री शाह ने नीतीश की वापसी के सवाल पर कहा था - प्रस्ताव आया तो करेंगे विचार

- शाह के जवाब से बिहार में अचानक छिड़ी सियासी बहस, नेताओं की बैठकों का शुरू हुआ दौर, लालू-तेजस्वी पहुंच गए नीतीश के घर

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नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित गृहमंत्री अमित शाह के इंटरव्यू से बिहार में गरमाई राजनीति का पटाक्षेप रविवार को सत्ता परिवर्तन से हुआ। सियासी गलियारे में पिछले कई दिनों से पत्रिका में गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर खूब बहस चल रही थी, जिसमें उन्होंने पहली बार नीतीश कुमार की वापसी के मुद्दे पर नरमी दिखाई थी। रविवार को जब नीतीश कुमार ने राजद का साथ छोड़कर भाजपा के साथ सरकार गठन किया तो एक बार फिर 15 जनवरी को प्रकाशित इंटरव्यू की चर्चा होने लगी।

बिहार की राजनीति में 16 जनवरी के बाद से हलचल तेज हुई। दरअसल, गृहमंत्री शाह से इंटरव्यू के दौरान यह पूछे जाने पर कि पुराने साथी जो छोड़कर गए थे नीतीश कुमार आदि, ये आना चाहेंगे तो क्या रास्ते खुले हैं? इस पर गृहमंत्री शाह ने राजस्थान पत्रिका को संक्षिप्त मगर सधा हुआ जवाब देते हुए कहा था, "जो और तो से राजनीति में बात नहीं होती। किसी का प्रस्ताव होगा तो विचार किया जाएगा।"

उनके इस जवाब से संकेत मिले कि भाजपा ने नीतीश के लिए दरवाजे खोल दिए हैं। क्योंकि इससे पूर्व बिहार में एक जनसभा के दौरान अमित शाह ने नीतीश के लिए भाजपा के दरवाजे पूरी तरह बंद होने की बात कही थी। गृहमंत्री शाह के रुख में नीतीश को लेकर आई इस नरमी के पीछे के निहितार्थ तलाशे जाने लगे। बड़े नेताओं के बयान आने लगे। तेजस्वी यादव को कई बार राजद-जदयू गठबंधन मजबूत होने की सफाई देनी पड़ी। लेकिन, हुआ वही, जिसकी अटकलें लग रहीं थीं। रविवार को नीतीश ने राजद के साथ बठबंधन तोड़ते हुए भाजपा के साथ सरकार बनाते हुए एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

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