4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान का एक ऐसा शहर जहां रोजाना 15 लाख के गन्ना का रस गटक जाते लोग

भीलवाड़ा शहर में प्रतिदिन 500 क्विंटल गन्ने की खपत

2 min read
Google source verification
भीलवाड़ा शहर में प्रतिदिन 500 क्विंटल गन्ने की खपत

भीलवाड़ा शहर में प्रतिदिन 500 क्विंटल गन्ने की खपत

भीलवाड़ा तपिश ने शीतल पेय पदार्थों की मांग बढ़ा दी। सूखते कंठों को गन्ने के जूस से तर किया जा रहा है। शहरवासी लगभग 15 लाख रुपए के गन्ना का जूस प्रतिदिन गटक रहे हैं। आने वाले दिनों में गर्मी के तेवर और तीखे होते जाएंगे तो यह आंकड़ा और बढ़ता जाएगा।

200 से अधिक गन्ने की चरखियां

शहर में 200 से अधिक गन्ने की चरखियां है। इसमें बिजली से चलने वाली, ऑटोमेटिक, मोटरसाइकिल तथा बेल के माध्यम से भी रस निकालने में लगे है। शहर के सूचना केन्द्र, रोडबेज बस स्टैंड, लव गार्डन रोड, पुर रोड, अजमेर व चित्तौड़ रोड, पुराना बस स्टैंड अजमेर तिराहा आदि पर चरखी लगी है। जूस व्यापारी कैलाश सुवालका ने बताया कि एक गिलास में 300 एमएल जूस के 20 रुपए ले रहे हैं। एक लीटर जूस के 60 रुपए लेते हैं। शिकंजी का गिलास 25 व अन्य जूस के गिलास 30 से 60 रुपए में बिक रहे है। व्यापारियों के अनुसार, एक किलो गन्ने में आधा लीटर जूस निकलता है तो 500 क्विंटल गन्ने में से 25 हजार लीटर जूस निकलेगा। एक लीटर जूस की कीमत 60 रुपए है तो इस लिहाज से 25 हजार लीटर जूस की कीमत 15 लाख रुपए हुई।

1200 रुपए प्रति क्विंटल का भाव

गन्ना व्यापारी नारायणसिंह राजपूत बापू गन्ना वाला ने बताया कि शहर में चार बड़े व्यापारी हैं, जो भीलवाड़ा के अलावा शहर के अलावा आसपास के गांवों में गन्ने की आपूर्ति करते हैं। भीलवाड़ा में प्रतिदिन 500 क्विंटल गन्ने की खपत हो रही है। इसकी कीमत 1200 रुपए प्रति क्विंटल है। यानी 6 लाख रुपए के गन्ने की बिक्री हो रही है। अभी गन्ना नासिक व पूणे से आ रहा है। अप्रेल से पहले चित्तौड़गढ़ जिले से आ रहा था। आने वाले दिनों में गन्ने की खपत और बढ़ेगी। व्यापारी नारायण बताते हैं कि शहर में पहले गन्ने की दुकानें कम थी। 2 साल से 20 प्रतिशत गन्ने की दुकानें बढ़ी हैं। इनमें ज्यादातर रेहडिय़ां या चलती-फिरती दुकान हैं।