इस आधार के लिए वो आपकी गाय भैंसों को लाइन में लगाकर कतई इंतजार नहीं कराने वाले। बल्कि गांवों में आने वाला टैक्नीशियन खुद हर उस घर में पहुंचेगा, जहां पर गाय या भैंसे हैं। वो आपके हर मवेशी का 12 अंकों का खास आधार आईडी जेनरेट करेंगे। लेकिन ये इतना आसान नहीं होने वाला। उनके बैग में एक पीले रंग का छोटा सा टैग होगा, जिसे वो आपकी गाय या भैंस के कान में लगाएंगे। यही सबसे मुश्किल काम होगा। अपने औजारों की मदद से वो इस टैग को कानों में फिट करेंगे। हां, अगर आपकी गाय भैंस को उनका कान छूने का तरीका पसंद नहीं आया तो जरूर उनके सामने समस्या खड़ी हो सकती है। हां साथ साथ आपकी गाय भैंस की फोटो भी खींची जाएगी।