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डॉक्टर बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, डायरेक्टर समेत 5 गिरफ्तार

नोएडा में फर्जी कंपनी के जरिये युवक-युवतियों से 20-20 लाख रुपये लेकर नीदरलैंड के विवि में फर्जी तरीके से कराते थे एमबीबीएस
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नोएडा

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lokesh verma

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Updated: 8 Jun 2018, 10:48 AM IST

Noida

डॉक्टर बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, डायरेक्टर समेत 5 गिरफ्तार

नोएडा. पुलिस ने एमबीबीएस की फर्जी डिग्री दिलाने और उस डिग्री के सहारे युवक और युवतियों को विदेश भेजने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने सेंट मार्टिन एडमिनीस्ट्रेटिव सर्विस के डायरेक्टर समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े पांच लाख से ज्यादा कैश, लेपटॉप, दो प्रिंटर, एक सीपीयू अभ्यर्थिओं के कागजात, डॉक्टर व पुलिस के फर्जी प्रमाण-पत्र व फर्जी मुहर बरामद की हैं।

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पुलिस के मुताबिक, सेंट मार्टिन एडमिनीस्ट्रेटिव सर्विस नाम की कंपनी का बोर्ड लगाकर एमबीबीएस की फर्जी डिग्री दिलाने के नाम पर नीदरलैंड व अन्य देशों में युवक और युवतियों को भेजने के नाम पर उनसे मोटी रकम की वसूली कर रहे थे। पुलिस ने बताया की नीदरलैंड में सेंट मार्टिन एडमिनीस्ट्रेटिव सर्विस नाम की एक कंपनी है, जिसका झांसा देकर ये लोग एडमिशन और डिग्री दिलाने का दावा करते थे। नोएडा के डीएसपी सेकंड राजीव कुमार ने बताया कि पुलिस ने फर्जी कंपनी के डायरेक्टर अनुज द्विवेदी, डेटा इंट्री ऑपरेटर सुशील कुमार, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राघव सिंह, काउंसलर व एडमिन हेड मारुत शर्मा और आईटी हेड हरजीत सिंह को गिरफ्तार किया है।

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दरअसल, इस गिरोह के जाल में फंसे पांच लोगों ने शिकायत दर्ज कराई थी। ये लोग एक छात्र से 20 लाख रुपये तक वसूल करते थे। पीड़ितों से आरोपी लाखों रुपये वसूल चुके थे। धोखाधड़ी करने के लिए जिस डाॅक्टर के क्लीनिक का इस्तेमाल करते थे, उसके मालिक डाॅक्टर एआर खान भी पुलिस के पास पहुंचे सफाई देते हुए बताया कि उन्हें खुद भी इस बात की जानकारी नहीं है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह युवक-युवतियों से धन अर्जित करने के लिए सेमिनार भी करता था। पुलिस का कहना है की नीदरलैंड की उक्त कंपनी को पत्र जारी कर जानकारी हासिल की जाएगी और कोई और भी शिकायत प्राप्त होगी तो उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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