Indira ekadashi: अभी भी भटक रहें हैं पूर्वज और घर में है परेशानी तो करें इस तरह एकादशी का व्रत, जानें पूरी विधि

Indira Ekadashi 2018, Ekadashi Vrat, Pitru Paksha 2018 में पड़ने वाली एकादशी का विशेष महत्व है, मृत्यु के बाद मिलता है स्वर्ग

Ashutosh Pathak

October, 0302:25 PM

नोएडा। Indira Ekadashi 2018, pitru paksha 2018, Ekadashi Vrat: श्राद्ध पक्ष चल रहा है लोग अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर रहे हैं। ऐसे में गुरुवार को यानी कल 5 अक्टूबर को एकादशी का श्राद्ध है। पितृपक्ष में पड़ने वाली एकादशी ( Ekadashi ) को इंदिरा एकादशी या श्राद्ध पक्ष एकादशी कहते हैं। एकादशी के दिन पिंड दान करना पितरों के लिए उत्तम मानी जाती है। एकादशी श्राद्ध पितरों की मुक्ति के लिए उत्तम मानी जाती है। इसके बाद वो पृथ्वी को छोड़ कर दूसरे लोक में चले जाते हैं। इतना ही नहीं श्राद्ध पक्ष की एकादशी व्रत रखने से भी विशेष फल मिलता है।

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( Pitru Paksh )पितृ पक्ष की एकादशी का विशेष महत्व- Importance of Ekadashi Vrat- Ekadashi Vrat ke mahatva

शास्त्रों के अनुसार कोई पूर्वज अगर जाने-अनजाने में हुए पाप कर्मों की वजह से दंड भोग रहा होता है तो पितृ पक्ष की एकादशी के दिन विधिपूर्वक व्रत कर उनके नाम से दान करें तो पूर्वजों अपने दोष से मुक्त हो जाता है और उसे मोक्ष मिलता है। सिर्फ पूर्वजों को ही नहीं बल्कि व्रत करने वाले को भी मृत्यु के बाद अच्छा फल मिलता है। व्रती के सभी पाप नाश हो जाते हैं और उनकी आत्मा भटकती नहीं है।

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इस तरह करें व्रत- Indira Ekadashi 2018 vrat vidhi

पितृ पक्ष में एकादशी व्रत करने के लिए एक दिन पहल से ही यानी दशमी से ही प्रयोजन शुरु हो जाता है। दशमी की रात को भोजन नहीं किया जाता, फलाहार कर सकते हैं। अगले दिन एकादशी को सुबह उठ कर स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा करें, उन्हें पीले फूल, प्रसाद आदि चढ़ाकर पूजा करें। इसके बाद व्रती पितरों के लिए पिंड दान करें। इस दिन उड़द की दाल की पुड़िया, बड़े बानकर उन्हें अर्पित करें।

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पारण का समय- paran samay shubh muhurat

एकादशी के व्रत में केवल फलाहार करना चाहिए और अगले दिन शुभ मुहूर्त में पारण करना होता है। इंदिरा एकादशी के पारण का समय 6 अक्टूबर सुबह 6:24 से 8:44 मिनट पर है

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