वेस्ट यूपी में प्रदूषण रोकने के लिए 5 मोर्चों पर लड़ी जाएगी जंग, जारी हुए निर्देश

वेस्ट यूपी में प्रदूषण रोकने के लिए 5 मोर्चों पर लड़ी जाएगी जंग, जारी हुए निर्देश

Rahul Chauhan | Publish: Sep, 09 2018 03:16:11 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

क्राइम रोकने के लिए यूपी पुलिस द्वारा लगातार किए गए एनकाउंटर के बाद बदमाशों में एक खौफ का माहौल बना था।

नोएडा। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद बहुत से बदलाव देखने को मिले। वहीं क्राइम रोकने के लिए यूपी पुलिस द्वारा लगातार किए गए एनकाउंटर के बाद बदमाशों में एक खौफ का माहौल बना था। वहीं अब इस बीच एक ऐसी जंग लड़ने के निर्देश हुए हैं जिससे लोगों को नुकसान नहीं बल्कि फायदा ही होगा। दरअसल, नोएडा, गाजियाबाद समेत वेस्ट उत्तर प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए पांच मोर्चों पर तैयारी की गई है। इसकी रूपरेखा नोएडा में तैयार की गई है। अब 15 अक्टूबर तक सभी जिलों से रिपोर्ट आने के बाद प्रदूषण रोकने के लिए संबंधित सभी योजनाओं को लागू करने का काम शुरू किया जाएगा।

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नोएडा के सेक्टर-6 स्थित इंदिरा गांधी कला केंद्र में प्रदूषण की रोकथाम के लिए आयोजित हुई कार्यशाला में अधिकारियों ने दावा किया है कि बीते सालों के मुकाबले इस बार सर्दियों में वायु प्रदूषण को नहीं बढ़ने दिया जाएगा।बता दें कि इस कार्यशाला बैठक में पर्यावरण प्रदूषण-रोकथाम एवं नियंत्रण भूरे लाल, प्रदेश मुख्य सचिव अनूप चंद पांडेय, वन एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख सचिव कल्पना अवस्थी, नोएडा प्राधिकरण चेयरमैन आलोक टंडन, मेरठ मंडल कमिश्नर अनिता मेश्राम समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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जहां यह चर्चा की गई कि वेस्ट यूपी में हर साल सर्दियों में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार इस तरह के प्रयास शुरू कर दिए जाएं ताकि प्रदूषण बढ़े ही नहीं। बैठक में प्रदूषण की रोकथाम के लिए निम्न मोर्चों पर काम करने के निर्देश जारी हुए।

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जाम से निजात

बता दें कि नोएडा, गाजियाबाद समेत बाकी जिलों में जाम के प्रमुख समस्या है। इसके कारण भी प्रदूषण बढ़ता है। वहीं यह तय हुआ है कि वेस्ट यूपी के जिलों में ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए माइक्रोप्लान 15 अक्टूबर तक तैयार कर लिया जाएगा।

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मशीनों की जांच

वाहनों द्वारा होने वाले प्रदूषण को जांचने के लिए प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों पर लगी मशीनों की जांच करने का काम परिवहन विभाग द्वारा जल्द शुरू किया जाएगा। इन सभी केंद्रों से वाहनों का रिकॉर्ड लेकर प्रदूषण फैला रहे वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अवैध रूप से चल रहे हॉट व रेडीमिक्स प्लांट भी बंद करा दिए जाएंगे।

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सड़कें होंगी गड्ढा मुक्त

नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर सहित सभी जिले में सबसे बड़ी समस्या है सड़कों के गड्ढें। अब इन जिलों की सभी सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त करने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही धूल न उड़े इसके लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव भी कराया जाएगा।

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जेनरेटर सेट पर जुर्माना

बता दें कि अभी तक जेनरेटर सेट चलाने पर किसी तरह का जुर्माना नहीं लगाया जाता है। इन्हें सिर्फ सीज किया जाता है। लेकिन अब इन पर जुर्माना लगाने की योजना भी तैयार की जा रही है। यदि कोई भी नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो 250 केवीए तक के जनरेटर सेट पर 5250 से 750 केवीए तक पर 15 और 750 केवीए से ऊपर के जनरेटर सेट पर 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा।

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9 मॉनिटरिंग सिस्टम केंद्र खुलेंगे

प्रदूषण करने वालों पर निगरानी रखने के लिए 9 मॉनिटरिंग सिस्टम केंद्र खोलने के भी आदेश हुए हैं। इसके तहत गौतमबुद्धनगर में 3, गाजियाबाद में 3 और मेरठ में 3 रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम केंद्र खोले जाएंगे। बता दें कि अभी तक नोएडा में 2 और ग्रेनो में 1 केंद्र खुला हुआ है।

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