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मैरी कॉम सहित 9 महिला मुक्केबाज पुणे में शुरू करेंगी ट्रेनिंग

छह बार के विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम के साथ टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकीं दो अन्य मुक्केबाज सिमरनजीत कौर और लवलीना बोरगोहैनको जल्द ही शुरू होने वाले एलीट महिला राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया है।  

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नई दिल्ली। छह बार के विश्व चैंपियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम के साथ टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकीं दो अन्य मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) और लवलीना बोरगोहैन (69 किग्रा) को जल्द ही शुरू होने वाले एलीट महिला राष्ट्रीय शिविर में शामिल किया गया है। कोविड-19 महामारी को देखते हुए, पुणे में अधिक सुरक्षित वातावरण में पटियाला से शिविर को शिफ्ट करने के फैसले के बाद कुल 10 महिला मुक्केबाज यहां आर्मी स्पोट्र्स इंस्टीट्यूट (एएसआई) में फिर से ट्रेनिंग शुरू करेंगी। कैंप 31 जुलाई तक चलेगा और फिर इसके बाद वे ओलंपिक के लिए टोक्यो रवाना होंगे।

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एमसी मैरीकॉम भारतीय महिला मुक्केबाज हैं इनका जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर में हुआ था। मैरी कॉम अकेली ऐसी महिला बॉक्सर थी जिन्होंने समर 2012 के ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। इसमें उन्होंने कांस्य पदक भी जीता था। मैरी कॉम छह बार वल्र्ड बॉक्सिंग चैंपियन रही हैं। मैरी कॉम ने पहली बार साल 2001 में नेशनल वीमंस बॉक्सिंग चैंपियनशिप जीती थी। मुक्केबाजी में उल्लेखनीय योगदान के लिए सरकार मैरी कॉम को कई पुरस्कारों से नवाज चुकी हैं। वर्ष 2003 में मैरीकॉम को अर्जुन पुरस्कार से नवाजा था और 2006 में पद्मश्री पुरस्कार दिया गया। 29 जून 2009 को उन्हे भारतीय खेलों का सबसे बड़ा परस्कार राजीव गांधी खेल रत्न दिया गया।

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मैरी कॉम का जन्म गरीब परिवार में हुआ था। जवानी की उम्र तक मैरी कॉम नेअपने माता-पिता के साथ खेतों में काम किया। स्कूल में पढ़ाई के समय वे कई खेलों में दिलचस्पी लेती थीं। हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में भाग लेती थी लेकिन आश्चर्यजनक रुप से मुक्केबाजी से उनका दूर-दूर तक नाता नहीं था। सन 1998 में जब मणिपुर के डिंगको सिंह ने एशियाई खेलों में गोल्ड जीता तो उनका भी मुक्केबाजी की तरफ रुझान हुआ। मैरी कॉम को लेकर बॉलीवुड में फिल्म भी बन चुकी है जिसमें मैरी कॉम की भूमिका प्रियंका चोपड़ा ने निभाई थी।

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