आर्टिकल 370: पाकिस्तान का नया पैंतरा, सड़कों व पार्कों का नाम ‘कश्मीर’ रखने का किया फैसला
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान ने दुनिया के सामने हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई
पाकिस्तान ने पंजाब प्रांत के 36 सड़कों और 5 पार्कों का नाम कश्मीर पर रखने का एलान किया है
इस्लामाबाद। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद पाकिस्तान इस कदर बैखलाया हुआ है कि वह कुछ भी करने को आमादा है।
जहां एक ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते दिनों एक के बाद एक दिए बयान में इस बात का जिक्र किया है कि वह दुनिया के मुस्लिम देशों से कश्मीर मामले में दखल देने का आह्वान करते हैं, लेकिन किसी भी देश ने भाव नहीं दिया।
इसपर इमरान ने दुनिया को जिहाद और कट्टरपंथी घटनाओं में बढ़तोरी होने की भी धमकी दी। अब पाकिस्तान ने एक नया पैंतरा आजमाना शुरू कर दिया है।
दरअसल, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने यह घोषणा की है कि वह कश्मीरी लोगों के साथ हो रहे भेदभाव का विरोध करने व उनके साथ पाकिस्तान की सद्भावना व्यक्त करने के लिए 36 सड़कों और पांच प्रमुख पार्कों का नाम कश्मीर रखेगी।
पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने शुक्रवार को घोषणा करते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने कश्मीरी लोगों के साथ अपनी सद्भभावना प्रकट करने के लिए 36 सड़कों का नाम कश्मीर रोड़ और पांच मुख्य पार्कों का नाम कश्मीर पार्क रखने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि प्रांत के प्रत्येक जिले में एक सड़क का नाम कश्मीर पर रखा जाएगा।
इमरान ने ट्वीटर पर डीपी को किया काला
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को इमरान खान ने भारत की स्वतंत्रता दिवस को काला दिवस के तौर पर मनाया और भारत की आजादी के विरोध में अपने ट्विटर अकाउंट की डीपी को काला कर दिया।
इससे पहले वे कई बार अपने भाषण में भारत को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत को घेरने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं रहे। किसी भी देश ने सीधे-सीधे पाकिस्तान का साथ देने से इनकार कर दिया। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने एक के बाद एक ओछी हरकत करनी शुरू कर दी है।
गुरुवार को लंदन स्थित भारतीय दूतावास के बाहर सैंकड़ों पाकिस्तानी अपना विरोध जताने के लिए इकट्ठा हुए और प्रदर्शन किया, लेकिन भारतीय लोगों ने भी पाकिस्तानियों का डटकर मुकाबला किया और मोदी-मोदी के नारों से उनके हौंसलों को पस्त कर दिया।
गौरतलब है कि केंद्र की मोदी सरकार ने 5 अगस्त को एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया था। साथ ही राज्य को दो संघ शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया था।