
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान अपनी सरकार के कामकाज को लेकर तारीफों के पुल अक्सर बांधते नजर आ जाते हैं। लेकिन इस बार इमरान खान सरकार को लेकर एक ऐसी खबर सामने आई है, जो इमरान सरकार के दावे की पोल खोल कर रख दी है।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठकों में हुए दो सौ से अधिक फैसले ऐसे रहे हैं जिन पर आज तक सिरे से अमल ही नहीं हुआ है। यह फैसले कैबिनेट बैठक के दस्तावेजों की शोभा बढ़ाने के अलावा और कोई काम नहीं आ सके हैं। 'जियो न्यूज उर्दू' ने सरकारी सूत्रों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान कैबिनेट की अब तक 82 बैठकें हो चुकी हैं जिनमें लिए गए कई फैसलों पर अमल नहीं हो सका है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान की अध्यक्षता में कैबिनेट की 82 बैठकों में 1630 फैसले लिए गए। संघीय मंत्रालय, विभाग व अन्य सरकारी संस्थान इनमें से 234 फैसलों का कार्यान्वयन कराने में नाकाम रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अब प्रधानमंत्री ने इस बारे में अगली कैबिनेट बैठक में जानकारी देने का निर्देश दिया है।
प्रधानमंत्री को खुद अपने बूते कोई काम करना नहीं आता: सुप्रीम कोर्ट
गौरतलब है कि इमरान कैबिनेट में कुल 51 सदस्य हैं जिनमें से 19 को प्रधानमंत्री के सलाहकारों की भूमिका सौंपी गई है। यह सभी 19 गैर निर्वाचित व्यक्ति हैं। कोरोना वायरस से लड़ने में देश में होने वाली लापरवाहियों का कुछ दिन पहले स्वत: संज्ञान लेते हुए देश के सुप्रीम कोर्ट ने इस भारी भरकम कैबिनेट के औचित्य पर सवाल उठाते हुए यहां तक कहा था कि इससे तो ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री को खुद अपने बूते कोई काम करना नहीं आता।
अदालत ने यह भी कहा था कि प्रधानमंत्री के मंत्री दर्जा प्राप्त गैर निर्वाचित सलाहकारों में से कई भ्रष्टाचार के आरोपों के भी घेरे में हैं। अदालत ने प्रधानमंत्री के स्वास्थ्य मामलों के सलाहकार को पद से हटाने पर विचार करने को कहा था।
Published on:
15 May 2020 09:07 pm
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