बदहाल पाकिस्तान के लिए एक और झटका, विश्व बैंक ने लगाया सबसे बड़ा जुर्माना

बदहाल पाकिस्तान के लिए एक और झटका, विश्व बैंक ने लगाया सबसे बड़ा जुर्माना

Mohit Saxena | Updated: 15 Jul 2019, 05:11:29 PM (IST) पाकिस्तान

  • विश्व बैंक ने नकद में पाकिस्तान पर अपना सबसे बड़ा जुर्माना लगाया है
  • मामला 2011 में एक कंपनी को खनन पट्टे के गैरकानूनी तरीके से इनकार का है

इस्लामाबाद। बदहाली और पैसे की तंगी से जूझ रहे पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। विश्व बैंक ने एक फर्म के साथ विवाद में फैसला देते हुए पाकिस्तान पर सबसे बड़ा जुर्माना लगाया है।पाकिस्तान के खिलाफ अपने 700 पन्नों के फैसले में वर्ल्ड बैंक के एक ट्रिब्यूनल ने4.08अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। यही नहीं पाकिस्तान को इस जुर्माने पर 1.87 अरब डॉलर का ब्याज भी देना होगा। आपको बता दें कि कंपनी ने नुकसान के एवज में 11.43 अरब डॉलर का दावा किया था।

क्या है मामला

वर्ल्ड बैंक की अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत ने 2011 में एक कंपनी को खनन पट्टे को गैरकानूनी तरीके से कैंसिल करने के लिए पाकिस्तान पर 5.96 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। टेथियन कॉपर कंपनी (TCC) ने पाकिस्तान के खिलाफ वर्ल्ड बैंक में अपील की थी। यह कंपनी चिली की खनन कंपनी एंटोफगास्टा और कनाडा के बैरिक गोल्ड कॉरपोरेशन का एक संयुक्त उद्यम है। बलूचिस्तान सरकार ने 2012 इस कंपनी का लायसेंस रद्द कर दिया था। इसके बाद पाक सरकार ने इसे मंजूरी दे दी थी। इस फैसले के खिलाफ कंपनी ने वर्ल्ड बैंक के इंटरनेशनल सेंटर फॉर सेटलमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट डिस्प्यूट (ICICID) के समक्ष अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए वाद दायर किया था।

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पाकिस्तान

सात साल चला मामला

पाकिस्तान सरकार और कंपनी के बीच सात साल तक मामला चलता रहा। ईरान और अफगानिस्तान की सीमा के करीब रेको दीक इलाके में यह खनन का पट्टा दिया गया था। यह बलूचिस्तान के चगई जिले का एक छोटा सा शहर है। रेको दीक खदान अपने विशाल सोने और तांबे के भंडार के लिए प्रसिद्ध है। माना जाता है कि इयह दुनिया का पांचवा सबसे बड़ा सोने का भंडार है।

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कंपनी ने लड़ी लंबी लड़ाई

डॉन अखबार ने अपने खबर में दावा किया है कि टीसीसी ने अगस्त 2010 के दौरान रेको दीक में खदान के विकास के लिए एक व्यापक और विस्तृत फिजिबिलिटी स्टडी को पूरा किया और फरवरी 2011 में एक माइनिंग लीज एप्लिकेशन सबमिट किया। साथ ही एक पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट भी दी। लेकिन अचानक नवंबर 2011 में परियोजना बंद हो गई। बलूचिस्तान सरकार ने रेको दीक के संबंध में खनन पट्टे के लिए टीसीसी की स्थानीय सहायक कंपनी द्वारा आवेदन को सरसरी तौर पर खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश इफ्तिखार मुहम्मद चौधरी ने जनवरी 2013 में रेको दीक समझौते को शून्य घोषित किया था।

पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका

आईसीएसआईडी के फैसले में पाकिस्तान को एक बड़ा झटका लगा है। पाक इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहां उसे सुधारों के एक महत्वाकांक्षी और साहसिक कदम की आवश्यकता है। पाकिस्तान को हाल में ही आईएमएफ से 6 अरब डालर का बेल आउट पैकेज मिला है। आपको बता दें कि इन दिनों पाकिस्तान एक-एक पैसे को मोहताज है। एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी खबर में बताया है कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को रेको दीक मामले में पाकिस्तान द्वारा किए गए बड़े नुकसान की जांच के लिए एक आयोग के गठन और जिम्मेदारी तय करने के आदेश जारी किए।

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