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मांग थी 300 करोड़ की और मिले सिर्फ 50 करोड़

बजट की कमी से पूरे साल पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेलमार्ग निर्माण का काम धीमा रहने की आशंकापन्ना के लोगों का और भी अधिक लंबा खिंच सकता है रेल आने का इंतजार

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 पूरे साल पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेलमार्ग निर्माण का काम धीमा रहने की आशंका

पूरे साल पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेलमार्ग निर्माण का काम धीमा रहने की आशंका

पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेलवे लाइन के काम के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों द्वारा इस बजट में करीब ३०० करोड रुपए की मांग की गई थी। जिसके बदले उक्त रेल लइन के लिए इस बजट में महज ५० करोड़ रुपए का प्रारंभिक बजट आवंटित हुआ है। इससे आशंका जताई जा रही है कि यदि परियोजना के लिए आवंटित बजट को रिवाइज नहीं किया गया तो पूरे साल परियोजना का काम बजट की कमी के कारण धीमी गति से चल सकता है। इससे रेल आने के लिए सालों से इंतजार कर रहे पन्ना के लोगों का इंतजार कुछ और सालों के लिए बढ़ सकता है।


गौरतलब है कि पन्ना से सतना रेलखंड में करीब ७३ किमी रेल पटरी बिछाया जाना है। इस काम को पूरा करने के लिए रेलवे द्वारा २०२० का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार से खजुराहो- पन्ना रेलवे लाइन के काम को पूरा करेन के लिए वर्ष २०२४ का लक्ष्य निर्धारित है। पन्ना खजुराहो रेलवे लाइन में केन नदी पर करीब एक किमी. लंबा पुल बनाया जाना है। जिसमें करीब दो साल का समय लगने का अनुमान है। उक्त रेल परियोजना के लिए पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकरियों द्वारा इस साल के बजट में करीब ३०० करोड़ रुपए की मांग की गई थी। बीते साल के बजट में भी परियोजना में भू-अर्जन व रेल लाइन व स्टेशनों के निर्माण के लिए करीब ३०० करोड़ का बजट आवंाटित था इससे उम्मीद की जा रही थी कि इस बजट में भी परियोजना के लिए करीब ३०० करोड़ रुपए आवंटित किए जाएंगे। आम बजट में रेलवे को आवंटित कुल बजट में से उक्त रेल मार्ग के लिए महज ५० करोड़ रुपए ही आवंटित किया गया है।


बजट की कमी आएगी आड़े
बजट की कमी परियोजना के कमों को लक्ष्य के अनुरूप समय पर पूरा करने में आड़े आ सकती है। इससे आशंका है कि पूरे साल जिले की इन दोनों रेल लाइनों के काम की गति धीमी पड़ सकती है। उक्त रेल लाइन के लिए बजट मांग के अनुसार बहुत ही कम आवंटित होने से आम जनता में भी मायूसी है। इसके साथ ही रेलवे का वह मैदानी अमला भी हताश है जो परियोजना के काम को तय लक्ष्य के अनुसार पूरा करने के लिए रातदिन काम कर रहा है।


पन्ना-खजुराहो रेलखंड के लिए भी शीघ्र मिलेगी वन भूमि
बताया गया कि पन्ना-सतना रेलवे लाइन के लिए सकरिया से पन्ना तक के १०० हेक्टेयर की जमीन मिलने के बाद क्षेत्र में रेलवे का काम भी तेज हो गया था। रेल पटरी के लिए सकरिया हवाई पट्टी के पास से नेशनल हाईवे को क्रास किया जाएगा। यहां रेलवे ट्रेन को सड़क के ऊपर से निकालने के बजाए सुरंग ख्ेादकर सड़क के नीचे से निकालेगी। इसके लिए करीब आधा किमी. लंबी सुरंग खोदी जाएगी। पन्ना जिले में पन्ना में पुरुषोत्तमपुर के अलावा सकरिया, देवेंद्रनगर और फुलवारी में स्टेशन बनाए जाने हैं। जबकि सतना जिले में तीन रेलवे स्टेशनों का काम होना है। पन्ना- खजुराहो रेल लाइन के लिए ३१५ हेक्टेयर वन भूमि अभी मिलना शेष है। वन विभाग द्वारा संबंधित फाइल वन मंत्रालय को भेज दी गई है। जिसको लेकर बैठकों का दौर जारी है। रेल अधिकारियों को उम्मीद है कि शीघ्र की उक्त ३१५ हेक्टेयर वन भूमि भी रेलवे को मिल जाएगी। दोनों रेल खंडों में काम हो लेकर यह साल काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।


21 साल से लंबित है प्रोजेक्ट
ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन का निर्माण कार्य वर्ष 1997-98 में स्वीकृत किया गया था। इस परियोजना के तहत खजुराहो-महोबा मार्ग में रेल का संचालन शुरू हो चुका है। इसी प्रकार ललितपुर से खजुराहो भी निर्माण पूर्ण हो चुका है। लेकिन खजुराहो से पन्ना एवं पन्ना से सतना तथा रीवा-सीधी-सिंगरौली रेलवे लइन का काम अभी चल रहा है। रेल लाइन के इस खंड के निर्माण को लेकर ही रेलवे के अधिकारियों इस साल के आम बजट में पर्याप्त बजट मिलने का अनुमान था, लेकिन पन्ना-सतना और पन्ना-खजुराहो रेलवे लाइन के काम के लिए प्रारंभिक तौर पर सिर्फ ५० करोड़ा का बजट आवंटित होने से क्षेत्रके लोगों में मायूसी छाई हुई है।


मांग के अनुरूप रेल मार्ग के लिए बहुत ही कम ५० करोड़ रुपए का बजट आवंटित हुआ है। पमरे के अधिकारी उक्त मार्ग के लिए स्वीकृत प्रारंभिक बजट केा रिवाइज कराने का प्रयास कर रहे हैं। उम्मीद है कि रेलवे लाइन के लिए स्वीकृत बजट को रिवाइज किया जाएगा।
एसके रिछारिया, ईई, पश्चिम मध्य रेलवे