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सपा छोड़ BJP में शामिल हुए नीरज शेखर, कल राज्यसभा से दिया था इस्तीफा

Neeraj Shekhar ने थामा BJP का दामन नीरज शेखर के Samajwadi Party छोड़ने से सपा को दोहरा झटका Akhilesh Yadav ने बलिया लोकसभा सीट से नहीं दिया था टिकट
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नई दिल्ली

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Chandra Prakash Chourasia

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Updated: 16 Jul 2019, 7:05 PM IST

Neeraj Shekhar

सपा छोड़ BJP में शामिल हुए नीरज शेखर, कल राज्यसभा से दिया था इस्तीफा

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में हार और बहुजन समाज पार्टी से धोखे के बाद Samajwadi Party को एक और झटका लगा है। neeraj shekhar ने सपा छोड़ BJP का दामन थाम लिया है। बीजेपी मुख्यालय पर नीरज शेखर ने विधिवत पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। नीरज पूर्व प्रधानमंत्री Chandrashekhar के बेटे हैं। नीरज शेखर समाजवादी पार्टी से राज्यसभा सांसद थे।

सपा के राज्यसभा सांसद थे नीरज

नीरज शेखर यूपी की बलिया लोकसभा सीट से टिकट नहीं मिलने की वजह से अखिलेश यादव से नाराज चल रहे थे। सोमवार को ही उन्होंने सपा और राज्यसभा सीट से इस्तीफा दिया था। इसके बाद देर रात नीरज ने गृहमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, भूपेन्द्र यादव, सांसद निशिकांत दूबे और अनिल बलूनी से मुलाकात की थी।

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बीजेपी के फायदे से ज्यादा अखिलेश को नुकसान

शाह से नीरज की मुलाकात के बाद ही इन कयासों पर मुहर लग गई थी कि वे जल्द ही बीजेपी में शामिल हो जाएंगे। नीरज के सपा छोड़ने से ज्यादा उनका बीजेपी में शामिल होने अखिलेश यादव के लिए झटका माना जा रहा है।

इससे राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या भले न बढ़ी लेकिन सपा के हाथ से राज्यसभा की एक सीट निकल गई।

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चंद्रशेखर के बाद बने बलिया के उत्तराधिकारी

उत्तर प्रदेश की बलिया लोकसभा सीट से उनके पिता चंद्रशेखर आठ बार सांसद चुने गये। चंद्रशेखर के निधन के बाद नीरज शेखर ने ही बलिया से उपचुनाव लड़ा और भारी मतों से जीते थे।

साल 2009 में भी सपा से सांसद चुने गए। 2014 में बीजेपी प्रत्याशी से नीरज चुनाव हार गए। इसी बीच राजनीतिक रसूख की वजह से सपा ने उनको राज्यसभा भेज दिया।

बलिया से अखिलेश ने नहीं दिया टिकट

बीते आम चुनाव में चंद्रशेखर एकबार फिर अपनी पारंपरिक सीट बलिया से चुनाव लड़ना चाहते थे। नीरज की मांग को अनदेखा कर अखिलेश यादव ने बलिया से सनातन पांडेय को पार्टी उम्मीदवार बनाया, जो चुनाव हार गए।

पिता की विरासत छिनने से नीरज शेखर नाराज थे। चुनाव के बाद ही ये कयास लगाया जा रहा था कि वे सपा का साथ छोड़ सकते हैं।