राहुल गांधी के दौरे के बाद HAL प्रबंधन का बड़ा बयान, रफाल पर राजनीति राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह

राहुल गांधी के  दौरे के बाद HAL प्रबंधन का बड़ा बयान, रफाल पर राजनीति राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए नुकसानदेह

Dhirendra Mishra | Publish: Oct, 14 2018 10:31:57 AM (IST) | Updated: Oct, 14 2018 10:31:58 AM (IST) राजनीति

कांग्रेस सहित अन्‍य विरोधी पाट्रियां मोदी सरकार पर रफाल सौदे से अनिल अंबानी की कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रही है।

नई दिल्‍ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एचएएल के पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों से मुलाकात के बाद हिंदुस्‍तान एयरोस्पेस लिमिटेड प्रबंधन ने एक बयान जारी किया है। एचएएल प्रबंधन ने अपने कर्मचारियों के राजनीतिकरण पर अफसोस जताया है। प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एचएएल को राजनीति में घसीटना राष्ट्रीय सुरक्षा एवं संस्थान के लिहाज से नुकसानदेह है। सार्वजनिक संस्‍थानों को इससे परे रखना चाहिए।

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एचएएल को तबाह करने का आरोप
एचएएल प्रबंधन को बयान राहुल गांधी के बेंगलूरु दौरे के बाद आया है। एचएएल के पूर्व व वर्तमान कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया था कि आधुनिक भारत के संस्थानों पर हमले हो रहे हैं। सार्वजनिक संस्‍थानों को तबाह किया जा रहा है। हालांकि इस बयान में गांधी के कंपनी के कर्मचारियों से मिलने का खासतौर पर जिक्र नहीं किया था। उन्‍होंने कर्मचारियों से एचएएल को एयरोस्पेस के क्षेत्र में एक सामरिक संपत्ति बताते हुए मोदी सरकार पर इस सरकारी कंपनी को नष्ट करने का भी आरोप लगाया।

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केंद्र से मिला 27,340 करोड़ का ऑर्डर
इसके जवाब में कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि एनडीए सरकार ने उसके प्रमुख स्थान को मान्यता देते हुए 2014 से 2018 की अवधि के दौरान करीब 27,340 करोड़ रुपए के आपूर्ति ऑर्डर देकर एचएएल को पूर्ण सहयोग दिया है। अधिकारी ने कहा कि इस अवधि के दौरान 7,800 करोड़ रुपए तक का वित्तीय मदद दी गई। उक्‍त अधिकारी ने कहा कि रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योग क्षेत्र में एचएएल को गौरव से देखा जाता है और उसने राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में अत्याधिक योगदान दिया है। एचएएल के ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कर्मचारियों के राजनीतिकरण का आज का प्रयास अफसोसजनक कदम है। यह संस्थान, उसके कर्मचारियों एवं राष्ट्रीय सुरक्षा के हित के लिए नुकसानदेह होगा।

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रोजगार छीनने का काम किया

आपको बता दें कि विपक्षी पार्टियां सरकार पर इस डील से अनिल अंबानी की कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रही है। कांग्रेस इस बारे में भी जवाब मांग रही है कि सरकारी कंपनी एचएएल को इस सौदे में शामिल क्यों नहीं किया गया, जैसा कि यूपीए सरकार के दौरान सौदे को अंतिम रूप दिए जाने के दौरान था। कांग्रेस ने पीएम मोदी पर एचएएल को कॉन्ट्रैक्ट नहीं देकर कर्नाटक के लोगों से रोजगार छीनने का आरोप लगाया है। राहुल यह कहते आ रहे हैं कि रिलायंस डिफेंस की जगह एचएएल को चुने जाने से राज्य में काफी संख्या में युवाओं को रोजगार मिलता।

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