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जम्मू-कश्मीरः VHP की सरकार से मांग, घाटी में तोड़े मंदिरों का फिर हो निर्माण

Jammu Kashmir के लेकर VHP का बड़ा बयान कश्मीर में फिर बनाए जाएं 435 Demolished Temple मंदिर तोड़ने वालों के खिलाफ हो कार्रवाई
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नई दिल्ली

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Dheeraj Sharma

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Updated: 9 Aug 2019, 12:40 PM IST

alok Kumar

नई दिल्ली।जम्मू-कश्मीर ( Jammu Kashmir ) से आर्टिकल 370 ( Article 370 ) हटने के बाद से वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। किसी भी तरह की हिंसा ना हो इसके लिए हजारों की तादाद में सुरक्षाबलों के जवानों की तैनाती की गई। इस बीच विश्व हिंदू परिषद ( VHP ) की ओर से बड़ा बयान सामने आया है।

अखिल भारतीय संत समिति ने कथित तौर पर तोड़े गए हिंदू मंदिरों ( Demolished Temple ) की पुननिर्माण की मांग की है।

आपको बता दें कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 खत्म होने के बाद जनजीवन लगातार सामान्य हो रहा है।

शुक्रवार को भी कई दफ्तर खुले और लोग आम दिनों की तरह बाजारों में देखे गए।

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फिर बनें 435 मंदिर
विश्व हिंदू परिषद और अखिल भारतीय संत समिति ने कथित तौर पर तोड़े गए 435 मंदिरों के पुनर्निर्माण की मांग की है।

संत समिति के महासचिव स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने मंदिरों के पुनर्निर्माण की मांग की है।

बढ़ सकती है मुश्किल
एक तरफ जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद किसी भी तरह की हिंसा से बचने के लिए हजारों की तादाद में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है तो दूसरी तरफ VHP ने बड़ा बयान देकर मामले को थोड़ा और संवेदनशील बना दिया है। दरअसल घाटी में अभी हालात सुधर जरूर रहे हैं लेकिन पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं, ऐसे में VHP का बयान मुश्किल खड़ी कर सकता है।

संत समाज को सौंपे जिम्मेदारी
आलोक कुमार ने कहा है कि सरकार मंदिर तोड़ने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे। इन्होंने कहा कि या तो सरकार तोड़े गए मंदिरों का निर्माण करे या ये जिम्मेदारी संत समाज को सौंपे।

स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती और आलोक कुमार ने कहा कि कश्मीरी पंडितों के पलायन के बाद सूबे में सैकड़ों मंदिरों को तोड़ा गया।

आलोक कुमाने कहा कि आर्टिकल 370 के कलंक को धोने के बाद अब विस्थापितों को पूरी सुरक्षा के साथ पुरानी जगह पर बसाना सरकार का मुख्य दायित्व होना चाहिए।

जो परिवार अपनी जन्मभूमि नहीं जाना चाहता है, सरकार ऐसे परिवारों की संपत्ति का उपयोग कर संबंधित परिवार को मुआवजा दे।

जम्मू और कश्मीर को अलग-अलग राज्य बनाएं
इससे पहले गुरुवार को डोगरा समुदाय के एक संगठन ने केंद्र सरकार से जम्मू को कश्मीर से पृथक कर अलग राज्य बनाने की मांग की।

डोगरा स्वाभिमान ने कहा था कि जम्मू को कश्मीर के साथ रखकर केंद्रशासित राज्य बनाने की घोषणा से इलाके के लोग हैरान हैं।

इस संगठन के संस्थापक राज्य के पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह हैं, जिनको गुरुवार को सुबह नजरबंद कर दिया गया है।

जम्मू के गांधीनगर स्थित आवास से उनको बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।