
कर्नाटक : कांग्रेस- JDS के 14 विधायकों का इस्तीफा, सिद्धरमैया को CM बनाने पर वापस लेंगे फैसला
नई दिल्ली। कर्नाटक में लंबे समय से कांग्रेस-JDS गठबंधन सरकार में चल रही खींचतान ने अब दिलचस्प मोड़ ले लिया है। कुमारस्वामी सरकार के 14 विधायकों ने इस्तीफा सौंप दिया है। इसमें से 5 विधायकों ने एक शर्त रखते हुए अपना इस्तीफा वापस लेने की बात कही है। इन विधायकों का कहना है कि अगर सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद दिया जाएगा तभी वो अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। वहीं कर्नाटक में कांग्रेस- जेडीएस में तकरार के बाद कर्नाटक की सियासत तेज हो गई है। सियासी अटकलें लगाई जा रही है कि येदियुरप्पा या सदानंद गौड़ा राज्य के अगले मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
केसी वेणुगोपाल बैंगलुरू के लिए रवाना
पहले 8 कांग्रेस और जेडीएस के तीन विधायक शनिवार को विधानसभा स्पीकर के दफ्तर में इस्तीफा देने पहुंच गए। हालांकि विधानसभा सभा स्पीकर उस वक्त मौजूद नहीं थे। लेकिन विधायकों ने विधानसभा सचिव को इस्तीफा देकर वहां से चले गए। इसके बाद तीन और विधायकों ने अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। कर्नाटक कांग्रेस के चुनाव प्रभारी केसी वेणुगोपाल बैंगलुरू के लिए रवाना हो गए हैं।
भाजपा के पास 105 विधायक मौजूद
गौरतलब है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 70 और जेडीएस को 35 सीटों पर जीत मिली थी। विधानसभा में कांग्रेस-जेडीयू गठबंधन के 117 सदस्य हैं। जबकि सबसे बड़ी पार्टी भाजपा 105 सीटों पर जीत दर्ज की थी। सरकार को बहुमत में बने रहने के लिए 225 सीटों वाली विधानसभा में सरकार के पास 114 विधायकों को होना जरूरी है। सरकार के पास अभी बहुमत से तीन सीट ज्यादा है।
बीजेपी की ओर से नहीं है कोई दबाव
JDS विधायक एच विश्वनाथ ने कहा कि 14 विधायकों ने इस्तीफा सौंपा है। साथ ही गर्वनर से मुलाकात की है और विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर त्यागपत्र स्वीकार करने को कहा है। उन्होंने गठबंधन सरकार पर जनता की अपेक्षाओं पर खड़ा नहीं उतरने का आरोप लगाया। विश्वनाथ ने बीजेपी की ओर से किसी तरह के दबाव नहीं होने की भी बात कही है।
विधानसभा स्पीकर ने इस्तीफे की पुष्टि की
इससे पहले, विधानसभा स्पीकर के आर रमेश कुमार ने कहा कि आज 11 विधायकों ने मेरे कार्यालय में आकर इस्तीफा दिया है। इसकी जानकारी मुझे मिली है। हालांकि मैं अभी बैंगलुरू से बाहर हूं। मंलगवार को ऑफिस आऊंगा और फिर नियम के अनरुप इस पर फैसला लूंगा।
पार्टी में हो रही थी अनदेखी- रामलिंगा
वहीं उप मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार विधायकों को मनाने में जुटे हुए हैं। इधर कांग्रेस विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कहा, पार्टी में मेरी अनदेखी हो रही थी। इसलिए मैंने इस्तीफा देने का फैसला लिया है। मैं पार्टी में किसी पर दोष मढ़ने जा रहा हूं और नहीं पार्टी हाई कमान के बारे में कुल बोल रहा हूं
वहीं कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम पर भाजपा नेता बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि जनता देख रही है कि कैसे उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार विधायकों के साथ व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष के दफ्तर में जो विधायक इस्तीफा देने गए थे उनमें से कुछ के इस्तीफे फाड़ दिए हैं, यह निंदनीय है
कुमारस्वामी सरकार को मिल चुकी है चुनौती
बता दें कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ( CM HD Kumarswamy) अभी अमरीका दौरे पर हैं। ऐसे में उनकी सरकार पर बड़ा संकट छा गया है। आपको बता दें कि हाल ही में कांग्रेस के विजयनगर विधायक आनंद सिंह और गोकके विधायक राजेश जरकीहोली विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे कर्नाटक सरकार की मुसीबत बढ़ी है।
आपको बता दें कि विधायकों के इस्तीफा देने की स्थिति में कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस के गठबंधन की सरकार अल्पमत में आ सकती है। हालांकि यह कोई पहला मौका नहीं है कि कर्नाटक में गठबंधन सरकार के सामने चुनौती आई है। इससे पहले भी सरकार अस्थिर हुई है।
Updated on:
7 Jul 2019, 8:12 PM IST
Published on:
6 Jul 2019, 6:05 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.