
कुमारस्वामी के बारे में बड़ा खुलासा, राजनीति से पहले करते थे यह काम
बेंगलुरू। बुधवार को जेडीएस के नेता कुमारस्वामी कर्नाटक के किंग बनने जा रहे हैं। वह शाम को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।लेकिन फिर भी जनता को लग रहा है कि आखिर पांच साल तक कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन सरकार चला पाएंगे। इसी बात को कुमारस्वामी भी चुनौती के तौर पर देख रहे हैं। कुमारस्वामी ने कहा है कि, "अगले पांच साल तक कांग्रेस-जेडीएस की गठबंधन सरकार चलाना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। यह मेरे जीवन की बड़ी चुनौती है। साथ ही उन्होंने कहा कि, "मुझे इस बात की उम्मीद नहीं है कि मैं सीएम के तौर पर अपनी जिम्मेदारी आसानी से निभा पाऊंगा। सिर्फ मुझे ही नहीं, राज्य की जनता को भी संदेह है कि क्या यह सरकार आसानी से कामकाज कर पाएगी"। बता दें कि इस बार चुनाव में भाजपा 104 सीटों के साथ पहले, कांग्रेस 78 सीटों के साथ दूसरे और जेडीएस 37 सीटों के साथ तीसरे स्थान नंबर पर रहे। कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार बना रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल गठन का नया फॉर्मूला सामने आया है। फार्मूले के अनुसार अब कांग्रेस के कोटे से 22 मंत्री और जेडीएस के कोटे से 12 मंत्री होंगे। कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने बताया मीटिंग में कैबिनेट विस्तार को लेकर चर्चा हुई। 34 मंत्रियों में से 22 कांग्रेस से होंगे। जबकि सीएम समेत 12 मंत्री जेडीएस से होंगे। कांग्रेस के ही केआर रमेश कुमार को स्पीकर बनाया जाएगा। डिप्टी स्पीकर जेडीएस से होगा। गुरुवार को कुमारस्वामी बहुमत परीक्षण करेंगे। बुधवार शाम को शपथग्रहण समारोह होगा। कहा जा रहा है कि शपथ ग्रहण समारोह में कुमारस्वामी के अलावा कुछ दूसरे मंत्रियों को भी शपथ दिलाई जाएगी।
विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
कर्नाटक में कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में होने जा रहे विपक्ष के शक्ति परीक्षण से मोदी सरकार की नींद उड़ाने की योजना है। शपथ ग्रहण समारोह में सभी विपक्षी दलों को मिलाकर 278 संसदीय क्षेत्रों का हुजूम होगा। इसमें 6 मुख्यमंत्री, कई पूर्व सीएम और कई कद्दावर नेता शामिल होंगे।
Published on:
23 May 2018 11:31 am
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