
सीबीआई के साथ विवाद में ममता ने क्यों चला धरने पर बैठने का दांव? जानें क्या है कारण
नई दिल्ली। सीबीआई विवाद को लेकर कोलाकाता में धरणा दे चुकी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बार फिर मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस बार ममता बनर्जी यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के खुलकर समर्थन में आ गई हैं। ममता बनर्जी ने बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा रॉबर्ट वाड्रा के साथ पूछताछ का विरोध किया। उन्होंने इसको विपक्षी पार्टियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास करार दिया। आपको बता दें कि इससे पहले ममता बनर्जी पश्चिम बंगाम में पुलिस कमिश्नर पर सीबीआई कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठी थी।
इस दौरान ममता ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सरकार संस्थानों के गलत इस्तेमाल का आरोप लगाया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने की बात कही। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ममता बनर्जी ने अपनी नैतिक जीत बताते हुए धरना समाप्त कर दिया।
इससे पहले दिल्ली की एक अदालत द्वारा रॉबर्ट वाड्रा को ईडी की जांच में शामिल होने का आदेश दिए जाने के चार दिन बाद वह (वाड्रा) बुधवार को यहां एजेंसी के समक्ष पेश हुए। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई वाड्रा मध्य दिल्ली के जामनगर भवन स्थित ईडी कार्यालय में शाम पौने चार बजे पहुंचे। वाड्रा के साथ उनकी पत्नी व कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मौजूद थीं। हालांकि, रॉबर्ट वाड्रा को ईडी कार्यालय छोड़ने के बाद प्रियंका वहां से चली गईं। यह मामला 19 लाख पाउंड की विदेश में मौजूद अघोषित संपत्ति के स्वामित्व से जुड़ा है, जो कथित रूप से वाड्रा की है।
Updated on:
7 Feb 2019, 11:10 AM IST
Published on:
7 Feb 2019, 9:25 AM IST
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