न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा, अल्पसंख्यकों, दलितों व महिलाओं के मुद्दों पर चुप रह जाते हैं मोदी

न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा, अल्पसंख्यकों, दलितों व महिलाओं के मुद्दों पर चुप रह जाते हैं मोदी

Chandra Prakash Chourasia | Publish: Apr, 17 2018 07:42:23 PM (IST) राजनीति

न्यूयार्क टाइम्स ने अपने संपादकीय में कठुआ और उन्नाव के दुष्कर्म मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

नई दिल्ली। भारत में हाल में चर्चा में रहे कठुआ और उन्नाव के दुष्कर्म मामलों के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'चुप्पी साधने' की तीखी आलोचना करते हुए 'न्यूयार्क टाइम्स' ने अपने संपादकीय में मंगलवार को लिखा कि इस तरह की तथा ऐसी ही अन्य हिंसक घटनाएं देश में महिलाओं, मुस्लिमों और दलितों को डराने के लिए 'राष्ट्रवादी ताकतों द्वारा एक संगठित और व्यवस्थित अभियान' का हिस्सा हैं।

'खुद को प्रतिभाशाली वक्ता मानते हैं मोदी'
'मोदीज लॉन्ग साइलेंस एज वुमेन आर अटैक्ड' शीर्षक के संपादकीय में न्यूयार्क टाइम्स ने याद दिलाया कि कैसे मोदी 'लगातार ट्वीट करते हैं और खुद को एक प्रतिभाशाली वक्ता मानते हैं।' टाइम्स ने कहा कि इसके बावजूद वह अपनी आवाज तब खो देते हैं, जब महिलाओं और अल्पसंख्यकों को लगातार राष्ट्रवादी और सांप्रदायिक ताकतों, जो कि उनकी भारतीय जनता पार्टी का आधार हैं, द्वारा खतरे का सामना करना पड़ता है। अखबार ने शुक्रवार को मोदी द्वारा इस मामले पर दिए गए बयान का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने कहा था कि 'दुष्कर्म के यह मामले देश के लिए शर्मिदगी लेकर आए हैं और हमारी बेटियों को निश्चित ही न्याय मिलेगा।'

पीएम मोदी के बयान को बताया खोखला
न्यूयार्क टाइम्स ने कहा, 'लेकिन उनका बयान खोखला जैसा है क्योंकि इसमें उन्होंने काफी देरी लगाई और इनका विशिष्ट उल्लेख करने के बजाए एक सामान्य रूप से इसे यह कहकर व्यक्त किया कि 'बीते दो दिनों में जिन घटनाओं की चर्चा हो रही है..'।

कठुआ और उन्नाव रेप का विरोध
अखबार ने प्रधानमंत्री पर पहले भी इसी तरह का रवैया अपनाने का अरोप लगाया जब 'उनके राजनीतिक अभियान से संबद्ध गौरक्षक समूह ने गायों की हत्या करने के झूठे आरोप लगाकर मुस्लिम और दलितों पर हमले किए और हत्या की।' जम्मू एवं कश्मीर में इस वर्ष जनवरी में एक आठ वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या और उत्तर प्रदेश में एक लड़की के साथ दुष्कर्म मामले का पूरे देश में लोगों ने जबरदस्त विरोध किया।

'मोदी की चुप्पी न केवल हैरान करने बल्कि परेशान करने वाली'
प्रधानमंत्री ने हालांकि इन अपराधों और अन्य मामलों में संलिप्त कथित भाजपा सदस्यों के बारे में कुछ नहीं कहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश दुष्कर्म मामले के आरोपी भाजपा विधायक के बारे में भी कुछ नहीं कहा। अखबार ने कहा कि 'मोदी की चुप्पी न केवल हैरान करने वाली है बल्कि परेशान करने वाली है।' अखबार ने 2012 के निर्भया कांड की याद दिलाई 'जिस पर तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया नहीं दी थी और उसे इसका खामियाजा भुगतना पड़ा।' अखबार ने लिखा कि 'लगता है कि मोदी ने उस घटना से सबक नहीं सीखा।'

पीएम को याद दिलाया वादा
अखबार के अनुसार, 'भाजपा ने बड़े पैमाने पर चुनाव में जीत दर्ज की थी क्योंकि मोदी ने भ्रष्टाचार से घिरी तत्कालीन सरकार के बाद भारतीयों को ज्यादा जवाबदेह सरकार देने का वायदा किया था। लेकिन, इसके स्थान पर उन्होंने चुप्पी और मामले से ध्यान हटाने की पद्धति विकसित की है जो कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के स्वास्थ्य की चिंता करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए काफी चिताजनक है।'

'सभी की सुरक्षा करें प्रधानमंत्री'
न्यूयार्क टाइम्स के संपादकीय में कहा गया है कि मोदी से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि उनका समर्थन करने वाले के द्वारा किए गए हर अपराध पर वह बोले हीं। लेकिन, हिंसा के यह मामले कोई अलग-थलग और अपवादित नहीं हैं। यह राष्ट्रवादी ताकतों के संगठित और योजनाबद्ध अभियान का हिस्सा हैं जिसका मकसद महिलाओं, मुसलमानों, दलितों और अन्य वंचित तबकों को आतंकित करना है। टाइम्स ने कहा, 'प्रधानमंत्री का कर्तव्य है कि सभी लोगों की सुरक्षा करें और उनके लिए लड़ें, न कि सिर्फ उनके लिए जो उनसे राजनीतिक रूप से जुड़े हैं।'

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned