रफाल की जानकारी दुश्मन मुल्क को दे सकते हैं राहुल गांधी, होनी चाहिए जांच: विप्लब देब

रफाल की जानकारी दुश्मन मुल्क को दे सकते हैं राहुल गांधी, होनी चाहिए जांच: विप्लब देब

Chandra Prakash Chourasia | Updated: 15 Dec 2018, 05:17:24 PM (IST) राजनीति

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर आरोप लगा है कि वे रफाल सौदे को लेकर अतिरिक्त रुचि दिखा रहे हैं, कहीं वे रफाल डील की जानकारी दुश्मन मुल्क को तो नहीं देना चाहते।

नई दिल्ली। 36 रफाल लड़ाकू विमानों पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने हाल ही में पांच राज्यों में हार का सामना करने वाली बीजेपी में नया जोश भर दिया है। बीजेपी अध्यक्ष समेत तमात नेता और मंत्री कांग्रेस पर तीखे प्रहार कर रहे हैं। अपने अनोखे बयानों से हमेशा चर्चा में रहने वाले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लब कुमार देब ने तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को दुश्मन मुल्क का सहयोगी तक करार दे दिया। उन्होंने आशंका जताई है कि गांधी देश की सुरक्षा की कीमत पर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

'रफाल मामले में अतिरिक्त रुचि ले रही'

त्रिपुरा बीजेपी अध्यक्ष और राज्य से सीएम ने शनिवार को कहा कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने फैसला सुना दिया है। रफाल सौदे मामले में स्पष्ट कर दिया कि इसमें किसी प्रकार का घोटाला या पक्षपात नहीं किया हुआ है। देव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनकी पार्टी ने रफाल सौदे पर न्यायालय में तीसरे पक्ष की याचिका में अतिरिक्त रुचि ले रही है, जो स्पष्ट रूप से संदिग्ध है।

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लगता है दुश्मनों की कर रहे मदद: देब

देब ने कहा कि हो सकता है कि वे (राहुल गांधी) हमारी सुरक्षा की कीमत पर भारत के दुश्मनों की मदद के लिए ऐसा कर रहे हों। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी और उनकी टीम कुछ अन्य लोगों को रक्षा उपकरणों की खरीद में मदद करना चाहती थी, जिसकी जांच भी की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने कहा- रफाल पर कोर्ट में सरकार ने बोला झूठ

कोर्ट के फैसले के एक दिन बाद लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष मल्लिकाजुर्न खड़गे ने कहा कि वह महालेखा परीक्षक (कैग) को तलब करने का दबाव बनाएंगे और उनसे पूछेंगे कि कब सीएजी की रपट पेश की गई और कब पीएसी ने उसकी जांच की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा सरकार ने अदालत में यह झूठ बोला कि कैग रपट को सदन और पीएसी में पेश किया गया है। उन्होंने अदालत में यह भी कहा कि पीएसी ने इसकी जांच की है। उन्होंने दावा किया कि रपट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन में) है। यह कहां है? क्या आपने इसे देखा है? मैं पीएसी के अन्य सदस्यों के समक्ष इस मामले को ले जाने वाला हूं।

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