
नई दिल्ली: आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर तेलुगु देशम पार्टी का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में रविवार को सांसदों ने दिल्ली में लोक कल्याण मार्ग स्थित प्रधानमंत्री आवास के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सांसद जमीन पर लेटकर मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। हालांकि प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे सांसदों को जब पुलिस ने हटाने की कोशिश की तो सांसद वहां से उठने से इनकार करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने सांसदों को हिरासत में ले लिया और सभी को बस में बैठाकर थाने ले गई। सांसदों ने केंद्र सरकार पर आंध्र के साथ भेदभाव का भी आरोप लगाया।
टीडीपी सांसदों का आरोप है कि बीजेपी और केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के नाम पर सियासत कर रही है। टीडीपी सांसद विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए कुछ भी करने को तैयार है।
टीडीपी के मंत्री मोदी कैबिनेट से दे चुके हैं इस्तीफा
गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य की मांग देने को लेकर तेलुगु देशम पार्टी पिछले कुछ समय से आवाज उठाती आ रही है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू मोदी सरकार से खासे नाराज हैं। इसी सिलसिले में केंद्र और टीडीपी के बीच सहमति नहीं बनने पर टीडीपी ने एनडीए से नाता तोड़ लिया है। टीडीपी के कई मंत्रियों ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। वहीं विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर वाईएसआर के पांच सांसद लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। वाईएसआर के सांसदों ने राजग सरकार द्वारा आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने में विफल रहने के विरोध में यह कदम उठाया है। पार्टी के सांसद लंबे अरसे से आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग पर अड़े हुए थे।
अमित शाह का नायडू को खुला खत
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को 9 पन्नों का खुला पत्र लिखा है। अमित शाह ने एनडीए का साथ छोड़ने वाले टीडीपी के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। इसके साथ ही बीजेपी अध्यक्ष ने राज्य की बेहतरी के लिए मोदी सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।
Updated on:
8 Apr 2018, 11:57 AM IST
Published on:
8 Apr 2018, 11:45 AM IST
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