प्रतापगढ़ में गोशाला में चल रही थी शराब फैक्ट्री, जमीन में गाड़कर रखी थी 10 करोड़ की शराब

  • जेसीबी से खुदाई कर निकाले गए भरे हुए ड्रम
  • लाखों लेबल, बारकोड, पैकिंग की शिशियां और पेटियां बरामद
  • पुआल में छिपाई गई थीं पैकिंग मशीनें व उपकरण
  • तीन दिन पहले ही मार्च के महीने में मिलावटी शराब पीने से हुई है सात की मौत

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

प्रतापगढ़. प्रधान पद के प्रत्याशी द्वारा शराब बांटे जाने पर मिलावटी शराब पीने के बाद सात लोगों की मौत के बाद पुलिस और आबारी विभाग की कार्रवाई में एक गोशाला में जमीन में गाड़कर रखी गई 10 करोड़ रुपये की अवैध शराब व शराब बनाने के सामान पकड़े गए हैं। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम के लिये जहां ये एक बड़ी सफलता है। साफ है कि ये शराब आने वाले पंचायत चुनावों में इस्तेमाल की जाती। छपेमारी में फार्म हाउस स्थित लोग भाग निकले। उधर शराब का इतना बड़ा जखीरा बरामद होने के बाद हड़कम्प मचना लाजमी था। एडीजी प्रेम प्रकाश ने मीडिया से कहा है कि फार्म हाउस गुड्डू सिंह का है। हल्का दरोगा और बीट के सिपाहियों को निलंबित करते हुए पूर्व थानाध्यक्ष के खिलाफ एंटी करप्शन की जांच की संस्तुति की गई है।

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शराब पीकर हुई मौतों के बाद से ही पुलिस प्रशासन शराब माफिया गुड्डू सिंह और सुधाकर सिंह की धर-पकड़ में जुटी है और उनके ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शुक्रवार की शाम हुई छापेमारी प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र के नौबस्ता परसीपुर स्थित गुड्डू सिंह के फार्म हाउस पर की गई। टीम ने जब वहां बनी गोशाला का रुख किया तो हैरान रह गई। वहां छानबीन करने पर पुआल की आड़ में और जमीन में मिट्टी के नीचे अवैध शराब और शराब बनाने के सामानों का जखीरा गाड़कर रखा गया था। जेसीबी मंगवाकर खुदाई की गई। गोशाला से शराब बनाने के लिये रेक्टिफाइड स्प्रिट व दूसरे केमिकल बड़े-बड़े ड्रमों में भरकर जमीन में गाड़ रखे थे और पुआल के ढेर में छिपाए गए थे। छापेमारी में पुलिस को माल तो बरामद हो गया, लेकिन वहां मौजूद लोग भाग निकले।

 

आईजी केपी सिंह ने बताया कि गुड्डू सिंह के 10 बीघे के फार्म हाउस पर पूरी की पूरी अवैध शराब बनाने की एक बड़ी फैक्ट्री चल रही थी। उन्होंने बताया कि रात में 96 ड्रम मिले, जिनमें से 29 खाली थे, बाकी में ओपी (शराब बनाने का केमिकल) भरा था और हर ड्रम की कीमत 2 लाख रुपये बतायी। इसके अलग-अलग ब्रांड के 36 बोरी ढक्कन, 2700 गत्ते की पेटियां, 135 पेटी शराब कीपै क शीशियां, 6 पैकिंग मशीन व 18 लाख लेबल और बारकोड बरामद हुए हैं।


उन्होंने बताया कि जब 300 पेटियां लगातार दो बार पकड़ी गईं तब पता चला कि यहां आसपास कोई बड़ा सेंटर है। इसके बाद आबकारी विभाग और पुलिस ने छापेमारी की। वहां एक अस्थायी चौकी बनाकर पुलिस कर्मी भी तैनात कर दिये गए हैं। उन्होंने बताया बीट कांस्टेबल और उप निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा यहां के पूर्व थानाध्यक्ष थे जिनके कार्यकाल में ये अवैध धंधे चलते थे वो यहां से जा चुके हैं। उनकी एंटी करप्शन जांच के लिये हमने रिकमेंडेशन भेजी है। इसके अलावा आईजी रेंज स्तर पर उच्च स्तरीय जांच के भी निर्देश उन्होंने दिये हैं।

By Sunil Somvanshi

रफतउद्दीन फरीद
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