गांधी परिवार बिना आशीर्वाद लिये नही करता है नामांकन, इंदिरा गाँधी से सोनिया तक को मिला इस आंगन में इस मूर्ति का आशीर्वाद

गांधी परिवार बिना आशीर्वाद लिये नही करता है नामांकन, इंदिरा गाँधी से सोनिया तक को मिला इस आंगन में इस मूर्ति का आशीर्वाद

By: Madhav Singh

Published: 10 Apr 2019, 07:36 AM IST

रायबरेली . लोकसभा चुनाव की शुरुआत हो चुकी है। रायबरेली कांग्रेस का गढ़ भी कहा जाता है। कहते है कोई भी अच्छा कार्य करने से पहले ईश्वर का आशीर्वाद लेना ज्यादा शुभ माना जाता है। ऐसा ही कुछ रायबरेली जिले में गांधी परिवार भी अपने सभी चुनावों में हिन्दू रीति रिवाज को पूरा करने के बाद ही अपने चुनाव की शुरुआत करते चले आ रहे है। यह नियम 1967 से लेकर अभी तक जारी है और 11 अप्रैल को कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और रायबरेली की सांसद सोनिया गांधी सांसद पद के लिये अपना पांचवी बार नामांकन करेगीं,लेकिन पहले भगवान श्रीगणेश का आशीर्वाद लेगीं इसके बाद नामांकन करने कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। उनके साथ उनके पुत्र व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की महासचिव यानि उनकी पुत्री प्रियंका गांधी साथ में शामिल रहेगीं।

गांधी परिवार बिना आशीर्वाद लिये नही करता है नामांकन, इंदिरा गाँधी से सोनिया तक को मिला इस आंगन में इस मूर्ति का आशीर्वाद

 

रायबरेली में गांधी परिवार में भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पहला नामांकन 1967 में किया था। इसी समय से रायबरेली में गांधी परिवार ने चुनाव लड़ने की शुरुआत की थी। इंदिरा गांधी ने सांसद पद के लिये नामांकन करने से पहले अपने गुरुजी गया प्रसाद शुक्ला के यहां से पूजा-पाठ करके भगवान श्रीगणेश जी का आशीर्वाद लेकर ही चुनाव मैदान में कदम रखती थी। 1967 से लेकर आज तक गांधी परिवार पूजा-पाठ करके आर्शीवाद लेकर ही नामांकन कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचते है। इस बार कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी पांचवी बार सांसद पद के लिये नामांकन करेगीं। उनके साथ इस बार भी उनके पुत्र व कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी पुत्री प्रियंका गांधी साथ में नामांकन के समय शामिल रहेगी।

कौन है यह गुरु जी

 

गया प्रसाद शुक्ला को गुरुजी के नाम से जाने जाते थे। गुरुजी के पुत्र जगदीश शुक्ला बताते है कि इंदिरा गांधी ने इनको गुरुजी के शब्द से पुकारती थी और उनका ही दिया हुआ यह नाम है। यह रायबरेली के लालगंज के नयी बाजार में जन्म हुआ था। और इसके बाद गुरुजी का परिवार रायबरेली शहर आ गया था। कुछ समय के बाद यह इंदिरा गांधी के सम्पर्क में आये और पार्टी में आना जाना चालू हो गया । कुछ समय के बाद इंदिरा गांधी ने इनको नयी पहचान दी गुरुजी के नाम से पुकाने लगी। इसके बाद इनके यहां से 1967 में चुनाव में घर पर पूजा-पाठ करके ही चुनाव में नामांकन किया । तब से लेकर आजतक गुरुजी के यहां गांधी परिवार लगातार पूजा-अर्चना करते चले आ रहे है। इंदिरा गांधी इनके यहां पर चैपाल भी लगाया करती थी। जिले की जनता की समस्यायें भी इसी जगह पर सुना करती थी। यहां पर देश के और भी कांग्रेस के नेता आया करते थे।

Madhav Singh
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