
छत्तीसगढ़ के इस गांव में मिले 2200 साल पुराने सोने और तांबे के सिक्के
रायपुर. पुरातत्व विभाग (archaeological survey of india) ने रायपुर जिले के आरंग तहसील से लगभग 8 किलोमीटर दूर रीवा में चल रही खुदाई के दौरान 9 सिक्के (old gold coin) मिले हैं। लगभग 2200 साल पुराने धातु के सिक्के का आंकलन विभाग अभी पूरी तरह से नहीं कर पाया है। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के अधिकारियों के अनुसार रीवा में ईसा पूर्व सभ्यता का पता लगाने के लिए खुदाई शुरू की। इस दौरान वहां से एक के बाद एक कई रहस्यमयी और ऐतिहासिक धरोहर मिल रही है।
बुधवार को खुदाई के दौरान 8 कॉपर और एक सोने के सिक्के मिले। जहां कॉपर के सिक्कों को कुषाण और सातवाहन काल के बताए जा रहे हैं। वहीं सोने के सिक्के पांचवीं शताब्दी की है। इसके अलावा बिट्स, मिट्टी के बर्तन के अवशेष, सिलबट्टा, पालतू घोड़े की हड्डी पुरातत्व टीम को प्राप्त हुए, जो लगभग 2000 से 2200 साल पुरानी बताई जा रही है।
अब तक 150 सिक्के मिले
पुरातात्विक सलाहकार अरूण कुमार शर्मा ने बताया कि 25 दिनों से रीवा में लगातार खुदाई की जा रही है। अभी तक लगभग 150 सिक्के मिल चुके हैं। जो चौथी, पांचवी शताब्दी के हैं। जैसे जैसे खुदाई आगे बढ़ते जा रही है, इतिहास से पर्दा भी उठता जा रहा है।
जमराव में बारिश की वजह से रोकी खुदाई
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पाटन के जमराव गांव में बारिश की वजह से खुदाई रोकी गई है। यहां भी कुषाणकालीन धातु के सिक्के, मनके, मिट्टी के पात्र सहित बसाहट के स्ट्रक्चर मिल चुके हैं। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के चलते स्ट्रक्चर को ढंककर रखा गया है। आगे बारिश हुई तो खुदाई रोक दी जाएगी।
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक अनिल कुमार साहू ने कहा, पुरातात्विक विभाग द्वारा रीवा और जमराव में खुदाई की जा रही है। रीवा में कुषाण और सातवाहन कालीन धातु के सिक्के मिले हैं। विभाग द्वारा इसका परीक्षण और आंकलन किया जाना है। यदि मौसम साफ रहा तो खुदाई जारी रहेगी। नहीं तो बारिश तक के लिए खुदाई बंद करना पड़ेगा। क्योंकि इस दौरान खुदाई करना संभव नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ शासन के पुरातात्विक सलाहकार अरुण कुमार शर्मा ने कहा, पुरातत्व विभाग द्वारा रीवा में हो रही खुदाई के दौरान आज शाम को 8 कॉपर और एक सोने के कुल 9 मिले। जो कुषाण और सातवाहन कालीन है। इसका परीक्षण कराना बाकी है। 25 दिनों की खुदाई में अभी तक 150 से अधिक सिक्के मिल चुके हैं। इसके अलावा हजारों साल पुराने अन्य वस्तुएं भी मिल रही है। आगे भी खुदाई जारी रहेगी।
Updated on:
08 Jul 2019 06:56 pm
Published on:
08 Jul 2019 06:48 pm
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