3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिल्डर और बैंक मैनेजर ने मिलकर किया 12 करोड़ का घोटाला, 25 आरोपियों को 7 साल की सजा

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 14 साल पुराने मामले पर फैसला सुनाते हुए 23 आरोपियों को 3 से लेकर 7 वर्ष की सजा और 50 हजार से 1 लाख रुपए का अर्थदंड से दंडित किया गया है।

2 min read
Google source verification
CBI

दबिश देकर लौट रहे थे 'CBI अधिकारी' और पहुंच गई पुलिस, फिर सच्‍चाई जानकर पैरों तले खिसक गई जमीन

रायपुर. जमीन, मकान और प्लाट देने के नाम पर घोटाला करने वाले चंदेला बिल्डर्स, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बिलासपुर के तत्कालीन महाप्रबंधक और मैनेजर सहित 23 आरोपियों को 3 से लेकर 7 वर्ष की सजा और 50 हजार से 1 लाख रुपए का अर्थदंड से दंडित किया गया है। शुक्रवार को सीबीआई के स्पेशल मजिस्ट्रेट पंकज जैन ने 14 साल पुराने प्रकरण की सुनवाई की साथ ही इस मामले के फरार आरोपी विलासराव के खिलाफ वारंट जारी किया है।

यह है मामला
चंदेला बिल्डर्स की संचालिका शारदा सिंह ने 2004 में विज्ञापन जारी कर लोगों को प्लाट, फ्लैट और मकान कम कीमतों पर और ऋण सुविधा के साथ उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था। इसे देखकर डेढ़ सौ से अधिक लोगों ने अपना आवेदन जमा करवाया। उनके आवेदनों में कूट रचना कर बिल्डर शारदा सिंह ने अपने सहयोगी विलासराव की मदद से बिलासपुर रेलवे कॉलोनी स्थित एसबीआई के तत्कालीन महाप्रबंधक जीएन बांग्ला और विक्रम धीवर के पास जमा कराया।

इन आवेदनों में फर्जी दस्तावेज लगाकर 21 फर्जी आवेदनकर्ताओं को पेश किया गया और उनके नाम पर करीब 12 करोड़ रुपए निकाले गए। साथ ही यह राशि अपने खाते में बिल्डर और बैंक मैनेजर ने जमा करवा लिया। 2004 में बैंक का नोटिस पहुंचने के बाद आवेदनकर्ताओं को वस्तुस्थिति की जानकारी हुई। इसकी शिकायत उन्होंने सीबीआई से की।

जांच के बाद सीबीआई ने 30 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। जांच के बाद 30 जून 2006 को कोर्ट में 122 गवाह की सूची सहित 7000 पन्नों का आरोप पत्र पेश किया गया। सभी गवाहों के बयान और पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने 25 आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई।

लोक अभियोजक बृजेश सिंह और रजत श्रीवास्तव ने बताया कि इस धोखाधड़ी के मामले में कुल 30 आरोपी बनाए गए थे, लेकिन इनमें से 4 आरोपियों की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। वहीं एक आरोपी फरार हो गया है। इसकी तलाश करने के लिए सीबीआई कोर्ट ने आदेश जारी किया है।

Story Loader

बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग