
अधिवेशन स्थल की सुरक्षा 22 फरवरी से शुरू हो जाएगी, जो 27 फरवरी तक चलेगी। इस दौरान एक आइजी, तीन डीआइजी और दस एसपी और कमांडेेंट तैनात रहेेंगे। इसके साथ ही राज्य पुलिस सेवा के 65 अधिकारी और करीब तीन हजार से ज्यादा जवान जवानों को तैनात किया जाएगा।

खुफिया विभाग के 700 जवानों की टीम अलग से काम करेगी, जिसका कंट्रोल रूम पुराने पीएचक्यू में बनाया गया है।

नवा रायपुर को जोड़ने वाली सड़कों पर पेट्रोलिंग गाडियों को तैनात किया जाएगा। पड़ोसी राज्यों की सीमाओं पर पुलिस चौकी बनाई जा रही है, जहां से आने-जाने वाले वाहनों पर नजर रखेंगे।

बस्तर से आने वाली सड़कों पर तीन स्थानों पर चौकी बनाई जा रही है, जहां से हर संदिग्ध गाडियों की चेकिंग होगी।

आइजी इंटेलिजेंस अजय यादव ने बताया कि सुरक्षा का रिव्यू 22 फरवरी से शुरू हो जाएगा। देशभर के कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओें की मौजूदगी रहेगी। इसमें जेड प्लस श्रेणी से लेकर अलग-अलग श्रेणी के नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा का प्लान तैयार किया गया है।