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बाल सक्षम : बेघर बच्चों के लिए सरकार की नई पुनर्वास नीति

बाल सक्षम नीति: सड़क पर रहने वाले बच्चों के लिए तैयार हुई पुनर्वास नीति। सरकार ने 7 विभागों में बांटी नई नीति की जिम्मेदारियां।

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Bal Saksham Niti: रायपुर. सड़कों पर खराब हालात में रह रहे बेघर बच्चों के लिए सरकार ने नई पुनर्वास नीति (New Rehabilitation Policy) तैयार की है। इतना ही नहीं, नीति को सफलतापूर्वक लागू करने की जिम्मेदारी विभिन्न विभागों को बांट दी गई है। नीति का नामकरण ‘बाल सक्षम' किया गया है। इस पूरे कार्य की निगरानी मुख्य सचिव करेंगे।

हॉट स्पॉट क्षेत्रों की होगी पहचान
बाल सक्षम नीति के तहत सबसे पहले शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में हॉट स्पॉट की पहचान की जाएगी ऐसी जगह है जहां पर बच्चों को मदद की सबसे अधिक आवश्यकता है। यह हॉट-स्पॉट बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, बाजार जैसे अन्य भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र भी हो सकते हैं। इसके बाद जिला स्तर पर रेस्क्यू टीम का गठन किया जाएगा। इन बच्चों की पहचान के बाद उसे बाल कल्याण समिति के पास लाकर यह निर्णय लिया जाएगा कि बच्चे को कैसी मदद की आवश्यकता है। यथागत बच्चों के पुनर्वास की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

7 विभागों को बांटे गए काम
बाल सक्षम नीति से जुड़ी सारी जिम्मेदारी निम्नलिखित विभागों को बांटी गई है:
1. पुलिस
2. श्रम
3. नगरीय निकाय
4. शिक्षा
5. जिला प्रशासन
6. पंचायत
7. स्वास्थ्य विभाग
इसके अलावा नीति के अंतर्गत वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बच्चे या परिवार को विभिन्न योजनाओं के लाभों के साथ जोड़ने की कवायद भी की जाएगी।

तैयार होगा अलग पोर्टल, पुलिस भी देगी सूचना
निधि के अंतर्गत लाभार्थी बच्चों को दो श्रेणी में बांटा गया है। एक तो वे बच्चे जिनका आशियाना सड़क ही होता है। दूसरे वे बच्चे तो दिनभर सड़कों पर रहने के बाद आसपास झुग्गी झोपड़ी या परिवार के पास चले जाते हैं। पहचान की बच्चों की जानकारी वेबपोर्टल में अपलोड की जाएगी। यातायात विभाग को ऐसे बच्चों की जानकारी देने अलग से सूचना तंत्र विकसित करना होगा।

नीति का उद्देश्य
सरकार की इस नई नीति के उद्देश्य निम्नानुसार हैं:
1- इन बालकों के देखरेख और संरक्षण के लिए राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का प्रभावी क्रियान्वयन ।
2- इन बालकों की पहचान और उपयुक्त पुनर्वास के लिए कदम उठाना।
3- इन बालकों के पुनर्वास के लिए राज्य स्तर पर नोडल अधिकारी की भूमिका और जिम्मेदारियां तय करना।
4- इन बालकों के पुनर्वास के लिए वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप अनुशंसा करना तथा उनके लिए कार्ययोजना बनाना।

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