
दुर्ग. सरकारी दफ्तरों में अधिकारियों व कर्मचारियों की लेटलतीफी व मनमानी की समस्या से जल्द निजात मिल सकती है। इसके लिए जल्द ही जिले में कलेक्ट्रेट से लेकर ग्रामीण सचिवालय तक अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति बायोमेट्रिक अटेंडेंस के माध्यम से दर्ज की जाएगी। इस संबंध में कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने कहा कि इससे अधिकारियों और कर्मचारियों की नियमित समय पर उपस्थिति की बेहतर जानकारी मिल पाएगी। कलेक्टर ने बैठक में सड़कों की मरम्मत का कार्य भी शीघ्रता से और गुणवत्तापूर्ण रूप से पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। इसके लिए जिले भर में इस कार्य की मानिटरिंग के लिए अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई को नोडल अधिकारी बनाया गया। बैठक में अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई, अरविंद एक्का, भिलाई आयुक्त रोहित व्यास, जिला पंचायत सीईओ अश्वनी देवांगन, दुर्ग निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकर मौजूद थे। कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप तीन सालों से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत जिले के पटवारियों की सूची तैयार करें और इनके स्थानांतरण की कार्रवाई करें। साथ ही उन्होंने सभी राजस्व प्रकरणों के तेजी से निबटारे के निर्देश दिए।
डाक से मिलेगी कार्रवाई की सूचना
कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें आए प्रकरणों का शीघ्रता और गुणवत्तापूर्वक निपटारा करना है। निपटारे के बाद की गई कार्रवाई की सूचना आवेदक को रजिस्टर्ड पत्र द्वारा भेजी जाए।
मैदानों में खेल प्रशिक्षण की व्यवस्था
कलेक्टर ने कहा कि जिले में खेल की उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। इसके साथ ही खेल प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था भी उपलब्ध करानी है। इसके लिए कार्ययोजना बनाएें ताकि खेल प्रतिभाओं को निखारा जा सके।
Published on:
12 Oct 2022 11:47 am

बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
