कार्ड प्रोटेक्शन प्लान में क्रेडिड कार्ड और डेबिट कार्ड के साथ-साथ स्टोर, लॉयलटी, आधार, पैन कार्ड सभी शामिल हैं। पर्स खोने के बाद हर कार्ड को ब्लॉक करने के लिए अलग-अलग बैंकों में फोन नहीं करना पड़ेगा।
भारत में कोरोना वायरस और डिजटलीकरण के बढ़ने से UPI पेमेंट के उपयोग में भी बढ़ोतरी हुई है। UPI ने मार्च में पहली बार वॉल्यूम में 500 करोड़ का आंकड़ा पार किया। जिसके बाद वित्तीय वर्ष 22 में इसकी डिजिटल ट्रांजेक्शन वैल्यू 1 ट्रिलियन डॉलर के आंकडें को पार कर गई। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के मुताबिक 29 मार्च तक इस प्लेटफॉर्म पर 5.04 अरब ट्रांजेक्शन्स हुए थे। फरवरी महीने की तुलना में यह वृद्धि 7% से अधिक रही।
देश में नेटबैंकिंग, यूपीआई और क्रेडिट व डेबिट कार्ड का बहुत ज्यादा इस्तेमाल होने लगा है। वहीं डिजिटल ट्रांजैक्शन की ग्रोथ के साथ-साथ साइबर अपराध भी काफी तेजी से बढ़े हैं फिशिंग, हैकिंग आईडेंटिटी थेफ्ट जैसे अपराध आम हो चले हैं। साइबर चोर आपकी जेब में सेंध मारने के नए-नए पैंतरे अपनाते रहते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने क्रेडिट व डेबिट कार्ड को लेकर ज्यादा सतर्क रहें।