
रायपुर। लोगों ने गणतंत्र राष्ट्र होने के गौरवशाली पल का एहसास लेकर 26 जनवरी 1950 की सुबह का स्वागत किया था। उस पल के सही मायने उन दिलों में आज भी ताजा है, जिन्होंने झंडा फहराने में शामिल होने के बाद जाना कि हमारे देश का भी एक संविधान है, जो हमें अधिकारों के साथ ही कर्तव्यों से भी जोड़ने वाला है। इसे बताने के लिए गोष्ठियों और संवादों में भी लोग शामिल हुए।
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