छतीसगढ़ के कवर्धा से ऐसा ही रुला देने वाला मामला सामने आया है। जिस दिन माँ ने अपने बेटे की खुशहाली के लिए व्रत रखा था, उसी दिन उसके बच्चे की मौत हो जाती है।
कवर्धा: माँ और बेटे के रिश्ते को इस देश में सबसे पवित्र माना जाता है।नौ महीने दर्द सहने के बाद जब मताएं अपने शिशु को जन्म देती है।तो खुद से ज्यादा अपने बच्चे का ख्याल रखती हैं।बच्चे के शरीर पर एक खरोच भी देखना माँ को पसंद नहीं होता।हर रोज मताये भगवन से यही दुआ करतीं हैं कि उसका बच्चा हमेशा कुछ रहे, जिसके लिए माताएं हजारों व्रत करती हैं।
लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि जब माँ अपने बेटे के लिए पूजा कर रही हो तभी उसका बेटा उसे हमेशा के लिए छोड़ कर चला जाए ।
छतीसगढ़ के कवर्धा से ऐसा ही रुला देने वाला मामला सामने आया है। जिस दिन माँ ने अपने बेटे की खुशहाली के लिए व्रत रखा था, उसी दिन उसके बच्चे की मौत हो जाती है।
दरअसल प्रदेश में कमरछठ (हलष्ठी) के दिन सभी मताएं उपवास करती है और विधिविधान से अपने बच्चों की खुशहाली के लिए भगवान की पूजा पाठ करती है। पंडाताराई थाना के एक गांव के स्कूल के पास बच्चा खेलते-खेलते गड्ढे में जा गिरा।गड्ढे में पानी भरा हुआ था।जिससे उसकी मौत हो गई।इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहार देखी जा रही है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।