script व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बात | Controller of Vyapam Chhattisgarh said a big thing | Patrika News

व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बात

locationरायपुरPublished: Nov 25, 2023 10:54:06 pm

Submitted by:

Tabir Hussain

डेयरी ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन की एलुमिनी मीट में हुए शामिल

व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बात
कार्यक्रम के दौरान फोटो सेशन में सुधीर उपरीत।
छत्तीसगढ़ व्यापम के नियंत्रक सुधीर उपरीत ने शनिवार को कहा कि वे अपने पद की जिम्मेदारी बहुत अच्छे से संभाल रहे हैं। इतना ही नहीं मुझे किसी तरह का कोई दबाव भी नहीं है। उनकी इस बात से साफ जाहिर था कि वे किसी भी राजनैतिक दबाव में आकर फैसले नहीं ले रहे हैं। आमतौर पर किसी भी कार्यक्रम में बड़े पदों पर आसीन अधिकारी दबाव वाली बात से बचते नजर आते हैं लेकिन व्यापम नियंत्रक ने खुलकर कहा कि वे बिना प्रेशर के काम कर रहे हैं। वे कामधेनू विवि के रायपुर स्थित कॉलेज ऑफ डेयरी साइंस एंड फूड टेक्नोलॉजी की एलुमिनी मीट को संबोधित कर रहे थे। यह दो दिनी मीट डेयरी ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (डोसा)ने आयोजित की है। आगे कहा, मैंने इसी कॉलेज से पढ़ाई की और डीन तक की जिम्मेदारी संभाली। मैंने डेयरी ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (डोसा) का गठन 1994 में किया था। पहली एलुमिनी मीट 2015 को कराई थी। हालांकि इस काम में मेरे अन्य साथियों ने मदद की थी जिनमें से एक हैं विक्रम सिसोदिया। हम सभी को खुशी है कि हम पहली बैच के लोगों ने एलुमिनी मीट की शुरुआत की।
1985 में पहली बार आया था डेयरी कॉलेज: कुलपति

चीफ गेस्ट कामधेनू विवि के वीसी डॉ. आरआरबी सिंह रहे। उन्होंने डोसा पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से आपसी भाईचारा बढ़ता है। उन्होंने 1985 में अपने छात्र जीवन में पहली बार डेयरी कॉलेज आने का संस्मरण सुनाया। बता दें कि 26 नवंबर को सुबह वॉकथॉन का आयोजन किया गया है, इसकी शुरुआत निरंजन धर्मशाला में होगी और कॉलेज में समाप्त होगी। दोपहर में मिल्ड डे और स्थापना दिवस मनाया जाएगा।
व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बातएग्रीक्लचर वालों ने गालियां देने में किया ट्रेंड

फर्स्ट बैच के जितेंद्र जोशी ने बताया, हम पहले बैच के थे इसलिए हमारी रैंङ्क्षगग तो किसी ने नहीं ली लेकिन एग्रीकल्चर वालों ने हमारी जमकर रैगिंग ली। हम तो सीधे साधे थे लेकिन उन्होंने ही हमें गालियां देने में ट्रेंड किया। एक बार मुझे यह बोलकर ले गए कि काजू दादा ने बुलाया है। हम सोचे कि अब काजू दादा कौन आ गया। जब मैं वहां गया तो मेरे सामने एक व्यक्ति था। मुझसे पूछा गया कि किसने बुलाया। मैंने कहा काजू दादा। तभी वहां पास खड़ा व्यक्ति चिल्लाया- काजू दादा का नाम लेने की हिम्मत कैसे हुई। बता किसने बुलाया। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। मैंने कहा श्री काजू दादा ने बुलाया। यह सुनकर खुद काजू दादा हंसने लगे।
व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बातआधी रात सूटकेस लेकर भागे थे
89 बैच के शैलेश मिश्रा इन दिनों रा’य सहकारी दुग्ध महासंघ मर्यादित के असिस्टेंट जनरल मैनेजर हैं। उन्होंने बीते दौर को याद करते हुए बताया, एक बार सीनियर्स ने हमारी जमकर पिटाई कर दी थी। हम कॉलेज से रातों रात भाग गए। रात साढ़े तीन बजे सुटकेस लेकर बैलगाड़ी में बैठे और 5 बजे डीके हॉस्पिटल के सामने उतरे। कॉलेज प्रबंधन को पता चला तो हडक़ंप मच गया। हालंाकि बाद में सब ठीक हो गया और हम लौट आए।
व्यापम छत्तीसगढ़ के नियंत्रक ने कह दी बड़ी बात

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