
तंत्र-मंत्र: फांसी के फंदे से लाखों कमाने के चक्कर में बेरहमी से की मासूम की हत्या
दुर्ग. छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अंडा गांव में हुई 15 साल के बच्चे की हत्या का खुलासा पुलिस ने बुधवार को किया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हत्यारा कोई और नहीं मृतक बच्चे का मुंहबोला जीजा ही निकला। उसने एक बैगा के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
बैगा ने फांसी के फंदे से लाखों रुपए निकालने का दिया था झांसा
बैगा धनराज नेताम ने कहा था कि फांसी लगाकार आत्महत्या की गई फंदे की रस्सी लेकर आना, अपने तंत्र-मंत्र से खूब पैसा बरसाकर दिखाएगा। लखपति बनने के लालच में आरोपी जीजा पंचूराम ने रस्सी का जुगाड़ करने के चक्कर में मासूम का गला घोंट दिया। सबूत छिपाने के लिए उसने लाश को पैरावट में फेंककर आग लगा दी थी। पुलिस ने आरोपी पंचूराम देशमुख और बैगा धनराज नेताम को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारों के खिलाफ धारा 201, 302 के तहत प्रकरण दर्ज कर दुर्ग कोर्ट में पेश किया। न्यायिक रिमांड पर दोनों को जेल भेज दिया गया।
साक्ष्य छुपाने पैरावट में जलाई लाश
घटना दो दिन पहले तब उजागर हुई जब गांव के ही खेत में पैरावट में जली एक लाश मिली थी। इस मामले में पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही थी। पता चला कि मृत बच्चे रुद्र का रिश्ते में दूर का जीजा पंचू राम गायब है। पुलिस ने शक के बिना पर पंचू की तलाश शुरू कर दी, उसे धमतरी जिले से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के साथ उसके साथी बैगा धनराज नेताम को भी गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने अपना गुनाह कबूला और हत्या के कारणों का खुलासा किया। बैगा धनराज ने 31 दिसंबर को रस्सी की पूजा कर पैसा बरसाने का वादा किया था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पंचूराम देशमुख की दो साल पहले धनराज से मुलाकात हुई थी। धनराज ने उसे किसी फांसी में इस्तेमाल हुई रस्सी लाने को कहा। उसने दावा किया कि रस्सी से वह लाखों रुपए निकाल सकता है। रस्सी ढूढऩे के चक्कर में पंचू राम ने अपने ही परिवार के रुद्र का रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या की और लाश खेत में रखे पैरावट में फेंक आग लगा दी थी।
ऐसे दिया घटना को अंजाम
पंचूराम आलबरस का रहने वाला है। वर्ष 2011 में उसकी शादी सलोनी गांव में हुई थी। वह घर जमाई बनकर ससुराल सलोनी में ही रहने लगा था। इसी बीच सलोनी में बंदर भगाने आए बैगा धनराज नेताम से मुलाकात हुई। उसने पंचू से कहा था कि फांसी के फंदे की रस्सी लाकर देगा तो उसे लखपति बना देगा। रुद्र के घर पंचू का आना-जाना था। रुद्र उसे जीजा कहता था। पंचू ने रूद्र की हत्या की सजिश रची। मंडई दिखाने के बहाने रुद्र को अपनेमूल गांव आलबरस बुलवाया। 23 दिसंबर को दोपहर 2 बजे रुद्र साइकिल से आलबरस के लिए निकला। आमटी मोड़ के पास पंचू से उसकी मुलाकात हुर्ई। वह रुद्र को निकुम की ओर ले गया। कुछ दूर खेत में ले जाकर पंचू ने शराब पी और रुद्र को भी पिलाई। इसके बाद अपनी योजना अनुसार रस्सी से उसका गला घोंटा फिर लाश को पैरावट में जला दिया।
Published on:
02 Jan 2020 02:23 am
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
